प्रमुख सचिव ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए चयनित युवाओं और प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों तथा प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद रोजगार से जुड़े युवाओं से भी बातचीत की और उनके प्रशिक्षण कार्यक्रमों व भविष्य योजनाओं की जानकारी ली।
रेणुजी ने युवाओं से कहा, “एक बार किसी काम में महारत हासिल करने के बाद आपको काम के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि हुनरमंद युवाओं के पास काम खुद ढूंढ़ता हुआ आपके पास चला आएगा।”
लाइवलीहुड कॉलेज के और उसके प्रशिक्षण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम युवाओं के लिए राज्य शासन की ओर से नि:शुल्क दिया जा रहा है। भविष्य में ब्लॉक स्तर पर वीटीपी के माध्य से प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे समीप के ग्रामीण युवा भी इससे लाभान्वित होंगे।
छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कई कविताओं के माध्यम से युवाओं में भरपूर जोश भरा और कहा कि लहरों से डर कर हार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। इस अवसर पर उन्होने अपने जीवन संघर्ष के अनुभवों को साझा किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी युवा के लिए अपने लक्ष्य प्राप्त करने का यही समय है और समय निकल जाने का बाद सिर्फ पछताना पड़ता है। इस अवसर पर उन्होंने भारत के कई सफल उद्यमियों के जीवन संघर्ष और सफलता के उदाहरण पेश किए।
कार्यक्रम में उपस्थित राज्य शासन और आईसीआईसी फाउंडेशन संयुक्त रूप से दुर्ग-भिलाई में संचालित लाइवली हुड कॉलेज में प्रशिक्षण के बाद रोजगार प्राप्त युवाओं ने अपनी सफलता के बारे में बताया। मेजर जनरल दिलावर सिंह ने भी अपना उद्बोधन दिया।
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