जेल प्रशासन का कहना है कि सचिन ने अवसाद के कारण आत्महत्या कर ली, जबकि परिजन हत्या का अंदेशा जता रहे हैं। उनका कहना है कि जेल प्रशासन ने शव को मॉर्चरी भेज दिया और उन्हें इसकी सूचना तक नहीं दी।
गाजियाबाद के ए-ब्लॉक (राकेश मार्ग) निवासी सचिन को दहेज न मिलने की खातिर पत्नी नीतू की हत्या के आरोप में पिता और मां के साथ जुलाई, 2013 में जेल हुई थी। उसकी मां को सात माह बाद ही जमानत मिल गई थी और एक सप्ताह बाद ही बीमार पिता की मौत हो गई थी।
जेल अधीक्षक एस.पी. यादव ने बताया कि रविवार की देर शाम जेल के बाथरूम में सचिन का शव मिला, उसने बाथरूम की ग्रिल से गमछा बांधकर गले में फंदा लगाया हुआ था। मृतक के पास से सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसने आत्महत्या क्यों की, यह अभी पता नहीं चल सका है।
dharmpath.com dharmpath