नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की अब तक की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी के दूसरे दिन सोमवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों ने 56,792 करोड़ रुपये की बोली लगाई, लेकिन 700 मेगाहट्र्ज व 900 मेगाहट्र्ज के बैंड में आज भी कोई बोली नहीं लगी। दूरसंचार विभाग के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
सोमवार को छह दौर की बोलियां लगीं और अबतक कुल 11 दौर की बोलियां लग चुकी हैं।
कंपनी ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी 1800 मेगाहट्र्ज बैंड में दिखाई। सर्वाधिक 81 बोली असम सर्किल के लिए लगी। दूसरी सर्वाधिक बोली जम्मू एवं कश्मीर सर्किल के लिए लगी।
मुंबई के लिए 1800 मेगाहट्र्ज बैंड के लिए मांग बनी रही, जिसके लिए कुल 50 बोलियां लगीं। इसमें 25 बोलियां अधिक लगीं।
स्पेक्ट्रम नीलामी के पहले दिन शनिवार को पांच दौर में कुल 53 हजार करोड़ रुपये की बोली लगी थी।
नीलामी में भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया, रिलायंस जियो इंफोकॉम, रिलायंस कम्युनिकेशंस, आईडिया सेल्यूलर, एयरसेल व टाटा टेलीटेक ने हिस्सा लिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मूल रूप से 4जी एलटीई के लिए 700 मेगाहट्र्ज बैंड के लिए किसी भी कंपनी ने बोली नहीं लगाई।
नीलामी सुबह नौ बजे से शुरू हुई, जो शाम 7.30 बजे तक चली। यह सोमवार से शनिवार तक चलेगी।
दूरसंचार विभाग ने नीलामी के लिए 2300 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखा है, जिनमें 700 मेगाहट्र्ज, 800 मेगाहट्र्ज, 900 मेगाहट्र्ज, 1800 मेगाहट्र्ज, 2100 मेगाहट्र्ज, 2300 मेगाहट्र्ज और 2500 मेगाहट्र्ज बैंड शामिल हैं। ये स्पेक्ट्रम 2जी, 3जी और 4जी सेवाएं देने के लिए हैं।
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