नई दिल्ली, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि भारतीय रेलवे 18 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा के 3,000 किलोमीटर लंबे मार्गो पर गति बढ़ाने वाली दो परियोजनाओं को विकसित करने की योजना बना रहा है। इस परियोजना पर गाड़ियों की रफ्तार 200 किलोमीटर प्रति घंटा प्रस्तावित है।
रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, “पिक बुक 2017-18 में दो गति बढ़ाने वाली परियोजनाएं शामिल की गई हैं। परियोजनाएं दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्गो को कवर करती हैं।”
उन्होंने कहा कि 1,483 किलोमीटर लंबे नई दिल्ली से मुंबई (वड़ोदरा, अहमदाबाद होते हुए) रूट पर 11,189 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी, जो सात राज्यों से होकर गुजरेगी। जिसमें महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली शामिल हैं।
गोहेन ने कहा, “1,525 किलोमीटर लंबे नई दिल्ली-हावड़ा रूट (कानपुर, लखनऊ समेत) पर 6,974 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी, जो पांच राज्यों से होकर गुजरेगी। जिसमें दिल्ली उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।”
मंत्री ने यह भी कहा कि स्वर्ण चतुर्भुज के साथ ही इन दो मुख्य मार्गो (दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-हावड़ा, हावड़ा-चेन्नई, चेन्नई-मुंबई, दिल्ली-चेन्नई और हावड़ा-मुंबई) पर 58 प्रतिशत माल ढुलाई यातायात और 52 प्रतिशत कोचिंग यातायात का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा है, जो लगभग 9,100 किलोमीटर है।
गोहेन ने यह भी कहा कि अक्टूबर 2017 तक सभी माल गाड़ियों की गति का कुल औसत गति 23.1 किलोमीटर प्रति घंटा था जबकि देश में पैसेंजर ट्रेनों की औसत गति 44.4 किलोमीटर प्रति घंटा।
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