राजगढ़– शहर के जिला अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति और वेतन भुगतान में 1.58 करोड़ रुपए से अधिक का बड़ा घोटाला सामने आया है। यह घोटाला निजी एजेंसी द्वारा फर्जी बायोमैट्रिक उपस्थिति और जाली बैंक खातों के जरिए अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस संगठित षड्यंत्र में शामिल प्रथम नेशनल सिक्योरिटी कंपनी के प्रोपराइटर कुलदीप मिश्रा, मैनेजर कृष्ण कुमार, भाजपा नेता और पेटी कॉन्ट्रैक्टर राजेश खरे, आरएमओ कर्मचारी संजीव शर्मा और बायोमैट्रिक ऑपरेटर रामदयाल गुर्जर को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ कोतवाली थाने में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच में सामने आया कि यह घोटाला वर्ष 2016 से योजनाबद्ध तरीके से चल रहा था। सफाई कर्मचारियों के नाम पर फर्जी उपस्थिति दर्ज कर शासन से भुगतान लिया जा रहा था। वर्ष 2022 से 2025 तक हाउसकीपिंग और सामग्री मद में 1.88 करोड़ रुपए का भुगतान दर्शाया गया, जबकि वास्तविक खर्च मात्र 29.8 लाख रुपए हुआ। 49 कर्मचारियों के नाम पर 1.43 लाख घंटे की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि हकीकत में केवल 5,445 घंटे की उपस्थिति सामने आई। 49 बैंक खातों में वेतन भुगतान दर्शाया गया, जिनमें से 16 खाते फर्जी निकले। साथ ही 18 लाख रुपए की सामग्री आपूर्ति भी कागजों में दिखाई गई, लेकिन उसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
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