इस सिलसिले में ओड़िशा प्रांत निवासी दो सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी निशानदेही पर छत्तीसगढ़ ओड़िशा के सीमावर्ती माचकोट के जंगल से विस्फोटक सामग्रियों का जखीरा बरामद किया गया है।
बस्तर के आईजी एस.आर.पी. कल्लूरी एवं एसपी आर.एन. दाश ने बताया कि सूचना मिली थी कि दो अज्ञात व्यक्ति ओड़िशा सीमा पर धनपूंजी रेलवे क्रॉसिंग के पास संदिग्ध हालत में कुछ सामान रखे हुए किसी के इंतजार में खड़े हैं।
फौरन ही एक टीम रवाना की गई, जिसने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम निरंजन दास निवासी ग्राम हंडिया जिला कोरापुट एवं दुर्जती महागकोड़ो निवासी ग्राम गोडहई जिला जयपुर बताया।
तलाशी लेने पर दोनों के बैग से अलग-अलग 25.25 बंडल यानि कुल 1250 नग इलेक्ट्रानिक डेटोनेटर जब्त हुआ।
कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तुलसी डोंगरी चांदामेटा ईलाके के नक्सली कमांडर विनोद को पिछले 2 वर्षों से विस्फोटक सामग्री सप्लाई करते आ रहे हैं। अभी 10.12 दिन पहले ही विनोद से संपर्क होने पर विस्फोटक सामग्री पहुंचाने का करार हुआ था।
आरोपियों की निशानदेही पर माचकोट जंगल में छिपाकर रखी गई विस्फोट सामग्री, जिसमें 3 बंडल सेफ्टी फ्यूज वायर, 1838 नग जिलेटीन रॉड, 90 आइडियल पावर, 3 बोरियों में 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट एवं 397 नग स्पेशल ऑडनरी डेटोनेटर बरामद किया गया।
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