इंफाल, 30 जुलाई (आईएएनएस)। मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले की सजिवा केंद्रीय जेल में शुक्रवार देर रात हुई हिंसा में तीन विचाराधीन कैदियों की मौत हो गई, जिनमें दो विदेशी नागरिक हैं। वे संभवत: मध्य-पूर्व के किसी देश के थे। यह घटना शुक्रवार रात करीब एक बजे हुई थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना के संबंध में मणिपुर सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों के अनुसार, दो विदेशी नागरिकों की पहचान सुशाक अहमद और अब्दुल सलाम के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 40 से 50 साल के बीच है। दोनों ने कथित रूप से आधी रात के बाद एक स्थानीय कैदी जोउ थांगमिलेन की हत्या कर दी। जोउ मणिपुर के चुराचंदपुर जिले के रहने वाला था।
सूत्र बताते हैं कि जोउ की खोपड़ी को तेज धार और कुंद हथियार से बुरी तरह से चूर-चूर कर दी गई थी। अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि हथियारों को जेल के अंदर छुपाकर ले जाने में हत्यारे कैसे सफल हुए।
सूत्रों के मुताबिक, जोउ की हत्या की जानकारी मिलने के बाद अन्य कैदियों ने दोनों विदेशियों की पीट-पीट कर हत्या कर दी।
उन्होंने कहा कि हालांकि जेल में करीब एक घंटे से अधिक समय तक अशांति बनी रही, लेकिन जेल के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
दोनों विदेशी नागरिकों को पुलिस ने साल 2013 में बिना वैध दस्तावेज के मणिपुर में प्रवेश करने पर सीमावर्ती शहर मोरेह में गिरफ्तार किया था। ये दोनों न्यायिक हिरासत में थे और मुकदमा का सामना कर रहे थे।
जोउ को साल 2010 में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए जे.एन. चिकित्सा विज्ञान संस्थान भेजा गया है।
इस संबंध में हेइनगांग पुलिस थाना ने एक मामला दर्ज किया है।
हालांकि मणिपुर में पहले भी कैदियों के गुटों के बीच झड़प और यहां तक कि जेल प्राधिकारियों के खिलाफ विद्रोह भी हुए हैं, जिनमें जेल महानीरीक्षक समेत कई लोग घायल हुए। लेकिन यह पहली बार है जब कैदियों की हत्या हुई है।
मणिपुर के गृहमंत्री गइखंगम ने शनिवार की घटना पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। केंद्रीय जेल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि आगे कोई हिंसक घटना नहीं हो।
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