नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) आत्मविश्वास से लबरेज तो है, लेकिन मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित करने की पार्टी को कोई जल्दबाजी भी नहीं है।
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) आत्मविश्वास से लबरेज तो है, लेकिन मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित करने की पार्टी को कोई जल्दबाजी भी नहीं है।
पंजाब में पार्टी के एक प्रभारी नेता ने यह जानकारी दी।
आप नेता दुर्गेश पाठक ने संसद की वीडियोग्राफी कर विवादों में घिरे पार्टी सांसद भगवंत मान के बारे में बताया कि पार्टी संसदीय समिति के किसी भी फैसले के लिए तैयार है।
आप के युवा नेता दुर्गेश ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, “निश्चित तौर पर कोई भी पार्टी यही कहेगी कि वह जीत रहे हैं। लेकिन मैं कहता हूं आप पंजाब में किसी भी जगह जाकर किन्हीं 10 व्यक्तियों की राय लें कि वे किसे अपना मत देने वाले हैं। मैं शर्त लगा कर कह सकता हूं कि उनमें से सात आप के पक्ष में बोलेंगे।”
27 वर्षीय दुर्गेश कहते हैं, “अब तक जो स्थिति है उसमें अकाली दल और कांग्रेस हमसे बहुत ज्यादा पिछड़ चुके हैं।”
पंजाब में इस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोग से शिरोमणि अकाली दल सत्तारूढ़ है, जबकि कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है।
दुर्गेश ने कहा, “पंजाब की कुल 117 विधानसभा सीटों में सिर्फ 20 या 25 सीटें ही वास्तव में नगरीय सीटें हैं। तो दिए जा रहे तर्को के अनुसार तो आप नहीं जीत सकती। लेकिन वास्तविकता इससे दूर है। हमें ग्रामीण और नगरीय दोनों इलाकों में समर्थन मिल रहा है।”
दुर्गेश के अनुसार लोकसभा चुनाव-2014 में आप को पंजाब में एक चौथाई मत मिले थे और पार्टी के चार प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई थी।
उन्होंने कहा, “विधानसभा चुनावों में किसी पार्टी को बहुमत हासिल करने के लिए 35 प्रतिशत के करीब वोट चाहिए होते हैं। पंजाब की मौजूदा स्थिति में हमें 53-54 फीसदी जनता का समर्थन हासिल है। इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि सी वोटर सर्वे में हमें 102 सीटें मिलती बताई जा रही हैं।”
आप के चुनाव में कूदने से पंजाब विधानसभा चुनाव पहली बार त्रिकोणीय मुकाबले वाला हो गया है। सत्तारूढ़ अकाली दल और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आप को अपने लिए चुनौती स्वीकार किया है।
दुर्गेश का कहना है कि राज्य की सत्ता में 10 वर्षो से काबिज अकालियों के कारण पंजाब की अर्थव्यवस्था चरमरा चुकी है, भ्रष्टाचार दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुका है, भाई-भतीजावाद का बोलबाला है और इन सबके कारण गुंडागर्दी और मादक पदार्थो के जाल में राज्य फंस चुका है।
उन्होंने कहा, “मतदाता गुस्से में हैं। आम जनता सुशासन चाहती है। ऐसी परिस्थितियों में दिल्ली में हमारी उपलब्धियों को सकारात्मकता से देखा जा रहा है। इसलिए पंजाब का मतदाता आप को सत्ता सौंपने का मन बना चुकी है, न कि कांग्रेस को।”
आप की सदस्यता ग्रहण करने से पहले 2011 में इंडिया अगेंस्ट करप्शन अभियान से जुड़ने वाले उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद निवासी दुर्गेश ने बताया कि आप सदस्यों को पंजाब में राजनीतिक सुधारक, ईमानदार और निडर नेता के रूप में देखा जा रहा है।
हाल ही में राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब में आप का मुख्यमंत्री प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलों पर दुर्गेश ने कहा कि पार्टी को मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित करने की कोई जल्दबाजी नहीं है।
उन्होंने कहा, “हमने अब तक इस बारे में सोचा ही नहीं है। यहां तक कि हमने अभी यह भी निर्णय नहीं किया है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित करने की जरूरत है भी या नहीं। जब जैसी जरूरत पड़ेगी हम उसी के अनुरूप फैसला करेंगे।”
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