नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने फिल्म ‘पीपली लाइव’ के सह-निर्देशक महमूद फारूकी को सात साल कैद की सजा सुनाई है। उन्हें एक अमेरिकी महिला के साथ दुष्कर्म का दोषी पाया गया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने फारूकी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। उन्हें कोलंबिया युनिवर्सिटी से शोध के लिए भारत आई 35 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में 30 जुलाई को दोषी ठहराया गया था।
महिला जून 2014 में दिल्ली आ गई थी। वह अपने काम के लिए गोरखपुर में संपर्क ढूंढ़ रही थी और एक दोस्त के माध्यम से फारूकी से मिली थी।
घटना 28 मार्च, 2015 की है, जब फारूकी ने उसे रात्रिभोज के लिए अपने घर आमंत्रित किया था।
पुलिस के आरोपपत्र के मुताबिक, रात नौ बजे जब महिला फारूकी के घर पहुंची तो वह नशे में धुत्त थे। उन्होंने उसे दूसरे कमरे में जाने को कहा, जो उनका कार्यालय था।
आरोपपत्र के मुताबिक, लगभग 20 मिनट के बाद महिला धूम्रपान के लिए बरामदे में चली गई, तब उन्होंने उसे अंदर आकर बैठने को कहा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, फारूक ने महिला से थोड़ी देर बात करने के बाद अचानक उसका चुंबन ले लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला घटना के बाद डरी हुई थी।
मुकदमे के दौरान अमेरिकी शोधकर्ता अपनी शिकायत पर कायम रही और उसने आरोप लगाया कि फारूकी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
हालांके फारूकी ने आरोप का खंडन करते हुए दावा किया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है।
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