रात को बार-बार पेशाब आने का संबंध है खर्राटों से

नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। स्लीप एपनिया बहुत आम लेकिन खर्राटों का गंभीर विकार है। नोक्टूरिया का मूल कारण होता है रात को बार-बार पेशाब का आना। ऐसे लोग अपनी समस्या स्त्री रोग विशेषज्ञ या मूत्र रोग चिकित्सकों को तो बताते हैं कि लेकिन निद्रा रोग से जुड़े डॉक्टर से सलाह नहीं लेते।

यह जानकारी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मानद महासचिव के. के. अग्रवाल ने दी। उन्होंने कहा कि बर्मिघम की अलबामा यूनिवर्सिटी के अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि यह खोज ज्यादा उम्र के लोगों के लिए खास तौर पर अहम है जिन्हें रात को बार बार उठ कर पेशाब जाते वक्त गिर कर चोट लगने का खतरा रहता है।

नोक्टूरिया महिलाओं में बढ़ती उम्र का विकार और पुरुषों में प्रोस्टेट की समस्या से जुड़ा होता है।

स्लीप एपनिया में गले के पीछे के नाजुक तंतु सोते समय अस्थायी रूप से काम करना बंद कर देते हैं, जिसमें कुछ पलों के लिए मरीज को सांस नहीं आती। ऑक्सीजन कम हो जाती है और कार्बन डायऑक्साइड बढ़ जाती है, दिल की धड़कन की दर गिर जाती है और फेफड़ों के अंदर रक्त शिराएं सिकुड़ जाती हैं। दिल की ऱफ्तार बेदह तेज हो जाती है और तरल के ज्यादा भर जाने का गलत संकेत महसूस होता है। शरीर सोडियम और पानी से मुक्त होने की कोशिश करता है, जिससे नोक्टूरिया होता है।

स्लीप एपनिया के दौरान सांस 10 या कुछ ज्यादा सेकेंड के लिए बंद रहती है। प्रतिघंटे में ऐसा 5 या उससे ज्यादा बार होता है। इसके गंभीर पीड़ितों में 1 घंटे में यह 100 बात से भी ज्यादा बार हो जाता है। इसके लक्षणों में खर्राटे, नींद में बेचैनी के साथ बार बार नींद खुल जाना, दिन में ज्यादा सोना और सुबह सिर दर्द होना शाामिल है।

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