इटानगर, 9 अगस्त (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल ने मंगलवार को अपने निवास स्थान पर खुदकुशी कर ली। उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद 13 जुलाई को पद से हटना पड़ा था।
उपमुख्यमंत्री चौना मेन ने आईएएन से बातचीत में पुल की खुदकुशी की पुष्टि की।
पुलिस ने कहा कि पुल (47) ने अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
पेमा खांडू हालांकि 16 जुलाई को ही राज्य के मुख्यमंत्री बन गए थे, लेकिन पुल ने अभी मुख्यमंत्री आवास खाली नहीं किया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “जिस कमरे में पुल ने आत्महत्या की, हमें वहां से एक सुसाइड नोट भी मिला। लेकिन मैं अभी इस बारे में अधिक बताने की स्थिति में नहीं हूं।”
पुल मुख्यमंत्री नबाम तुकी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार से बगावत कर 19 फरवरी को मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन जुलाई में सर्वोच्च न्यायालय ने तुकी की सरकार को बहाल करने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत के फैसले के बाद राज्य के कांग्रेस विधायकों ने पेमा खांडू को अपना नया नेता चुना।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पुल और उसके समर्थक क्षेत्रीय राजनीति दल पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) से जुड़ गए थे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद पुल एवं उनके समर्थकों ने मुख्यमंत्री के रूप में पेमा खांडू को समर्थन दिया।
केंद्र सरकार की ओर से पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मामलों के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने पुल के निधन पर दुख व हैरानी जताई।
मार्क्सवादी नेता डी.राजा ने इस खुदकुशी को ‘चौंका’ देने वाले बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पता लगाना चाहिए कि आखिर हुआ क्या?
असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे एवं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “हम बहुत दुखी हैं। वह सिर्फ 47 वर्ष के थे। हम पुल के परिवार के लिए प्रार्थना करते हैं।”
पुल हुलियांग विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री, बिजली मंत्री एवं जनजातीय मामलों के मंत्री सहित कई पदों पर सेवा दी।
dharmpath.com dharmpath