नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को विपक्षी पार्टियों के विरोध के बावजूद मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक-2016 लोकसभा में पेश किया।
विधेयक का उद्देश्य देश में सड़क सुरक्षा में सुधार लाना है। साथ ही इसमें यातायात उल्लंघन के खिलाफ जुर्माना बढ़ाने का प्रस्ताव भी है।
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को जैसे ही विधेयक पेश करने के लिए कहा, कांग्रेस तथा तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि विधेयक की प्रति सदस्यों को मुहैया नहीं कराई गई है।
उन्होंने विधेयक को व्यापक विचार-विमर्श के लिए संसद की स्थायी समिति के पास भेजने की मांग की।
गडकरी ने हालांकि विरोधरत सदस्यों से कहा कि विधेयक को जल्द पारित करने की जरूरत है, क्योंकि यह सड़क हादसों से संबंधित है।
उन्होंने कहा, “यह विधेयक बेहद जरूरी है, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिदिन कई लोगों की जान जा रही है। राज्य के परिवहन मंत्रियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद इस विधेयक को लाया गया है।”
अध्यक्ष ने सदस्यों से कहा कि विधेयक को केवल पेश किया जा रहा है और जब इस पर चर्चा होगी, तो वे अपनी चिंताओं से अवगत करा सकते हैं।
अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद गडकरी ने विधेयक को पेश किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में तीन अगस्त को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विधेयक को मंजूरी दी गई थी।
देश में हर साल पांच लाख दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें 1.5 लाख लोगों की जान चली जाती है।
सरकार ने कहा है कि वह पांच साल में दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 50 फीसदी तक कम करने को प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के सत्ता में आने के तत्काल बाद सड़क सुरक्षा के मुद्दे के समाधान के लिए सड़क परिवहन तथा सुरक्षा को लेकर विधेयक का मसौदा बनाने का काम शुरू किया गया था।
वर्तमान मोटर वाहन अधिनियम में 23 खंड हैं। विधेयक का उद्देश्य 68 खंडों में संशोधन करना है।
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