कन्हैया की जमानत रद्द करने संबंधित याचिका पर फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र नेता कन्हैया कुमार की जमानत रद्द करने के लिए दायर दो याचिकाओं पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

दिल्ली पुलिस और सरकार की ओर से याचिका पर जवाब दाखिल किए जाने के बाद न्यायमूर्ति पी.एस. तेजी ने फैसला सुरक्षित रख लिया। दोनों (दिल्ली पुलिस और सरकार) ने जवाब में कहा कि वे कन्हैया की जमानत रद्द करने के पक्ष में नहीं हैं।

कन्हैया की जमानत रद्द करने के लिए दायर दो याचिकाओं में से एक में जमानत पाने के लिए गलत हलफनामा दाखिल करने के लिए जेएनयू छात्रसंघ के नेता के खिलाफ झूठी गवाही की कार्यवाही शुरू करने हेतु निर्देश देने की मांग की गई है।

एक याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आर.पी. लूथरा ने जमानत रद्द करने की मांग की और कहा कि रिहाई के बाद कन्हैया ने राष्ट्र विरोधी भाषण दिए थे, जो जमानत की शर्तो का उल्लंघन है।

अदालत ने कहा था कि कन्हैया कुमार सक्रिय या निष्क्रिय रूप से किसी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे, जो राष्ट्र विरोधी मानी जा सकती है।

जेएनयू परिसर में गत नौ फरवरी को कश्मीर पर एक विवादास्पद कार्यक्रम में भाग लेने के बाद कन्हैया कुमार को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

अधिवक्ता ने कहा, “कन्हैया कुमार अपनी राष्ट्र विरोधी गतिविधियां प्रतिदिन जारी रखे हुए हैं और यह असहनीय तब हो गई, जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि भारतीय सशस्त्र बल के जवान कश्मीर में महिलाओं से दुष्कर्म करते हैं।”

याचिकाकर्ता ने अदालत से कहा कि भविष्य में भारत की प्रतिष्ठा को पहुंचने वाली क्षति को कम करने के लिए कन्हैया कुमार की जमानत रद्द कर दी जाए।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493