लखनऊ, 11 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दल-बदल का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। समाजवादी पार्टी (सपा), बसपा व कांग्रेस के 6 विधायक ‘अच्छे दिन’ लाने वाली पार्टी में शामिल हो गए।
इससे पहले बुधवार को चार विधायक बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हुए थे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान 6 वर्तमान विधायकों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह विधायकों की पहली खेप है, आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा।
कांग्रेस की विधायक माधुरी वर्मा, विधायक संजय जायसवाल, विधायक विजय दूबे ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की, जबकि सपा के शेर बहादुर सिंह ने भी भाजपा का दाम थामा। बसपा के विधायक राजेश त्रिपाठी, बाला प्रसाद अवस्थी ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
इन विधायकों को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराते समय केशव मौर्य ने कहा कि बसपा, सपा और कांग्रेस में भगदड़ की स्थिति है। काफी संख्या में लोग भाजपा से जुड़ना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने उप्र की जनता से विश्वासघात किया है। सपा में गुंडागर्दी चरम पर है और उप्र के मुख्यमंत्री इसे संभालने में अक्षम साबित हुए हैं।
भाजपा से निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह का जिक्र करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश फिलहाल बुआ धर्म निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मायावती ने कहा था कि अखिलेश यदि वाकई में उन्हें अपनी बुआ मानते हैं तो वह उनके अपमान का बदला लें और उनके खिलाफ टिप्पणी करने वाले दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करें।”
मौर्य ने कहा कि अपनी बुआ की बात मानकर अखिलेश ने दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करवाया, लेकिन अब बुआ धर्म निभाते हुए उनके नेता नसीमुद्दीन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे साबित हो गया है कि उप्र में बुआ और भतीजे के बीच पहले से ही सांठगांठ है।
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