लखनऊ, 11 अगस्त 2016 (आईएएनएस/आईपीएन)। राज्य कर्मचारियांे की हड़ताल से सरकार को दो दिनों में 1800 करोड़ रुपये का राजस्व झटका लगा है। दूसरे दिन यानी गुरुवार को राजधानी में शतप्रतिशत विभागों में कामकाज लगभग ठप्प रहा।
लखनऊ, 11 अगस्त 2016 (आईएएनएस/आईपीएन)। राज्य कर्मचारियांे की हड़ताल से सरकार को दो दिनों में 1800 करोड़ रुपये का राजस्व झटका लगा है। दूसरे दिन यानी गुरुवार को राजधानी में शतप्रतिशत विभागों में कामकाज लगभग ठप्प रहा।
उद्यान विभाग के मुख्यालय पर तालाबंदी के दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि तीन दिन की हड़ताल केवल संकेत है। अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल को मजबूर होंगे।
तिवारी ने बताया कि इन दो दिनों की महाहड़ताल में रजिस्ट्री से 400 करोड़, वाणिज्यकर से 800 करोड़, आबकारी से 200 करोड़, आरटीओ से 300 करोड़, राजस्व (मंनोरंजन कर, बचत, खनन, रायल्टी, बैंक, स्टांप) से 200 करोड़ रुपये की राजस्व हानि सरकार को होने का पूर्ण अनुमान है।
परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि दो दिनों में हड़ताल के चलते 300 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ और 4,26,328 मस्टर रोल फीड नहीं हो पाए हैं, जिसके कारण लगभग 8 करोड़ रुपये की मनरेगा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है।
उन्होंने बताया कि सांकेतिक रूप से स्वास्थ्य सेवाओं में सिर्फ तीन घंटे का कार्य बहिष्कार किया है। 12 को इमरजेंसी छोड़कर सभी सेवाएं पूर्णत: बंद रहेंगी।
मिश्रा के मुताबिक, 12 अगस्त को डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय पर सभा की जाएगी। इसके अलावा आज सिंचाई, वाणिज्यकर, आरटीओ, शिक्षा भवन, अर्थ एवं संख्या, श्रम, समाज कल्याण, विकासदीप, उद्यान, कृषि विपणन, उपभोक्ता फोरम, ट्रेजरी, रजिस्ट्री, आबकारी, वन, मातृ शिशु कल्याण, सहाकारी संघ, विकासभवन, तहसील, बाटमाप, विभागों से परिषद को हड़ताल में समर्थन मिला है।
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