नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा के राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक ने शुक्रवार को भारत-पकिस्तान सीमा पर वाघा-अटारी संयुक्त सीमा चौकी पर सुरक्षा खमियों का मुद्दा उठाया और दावा किया कि इस चौकी पर जांच यंत्रों (स्कैनर) की कमी होने के कारण पूर्व में इसके जरिए सीमा पार से अवैध हथियार देश में लाए गए।
अमृतसर के रहने वाले मलिक ने राज्यसभा में इस मुद्दे को शून्यकाल में उठाया और कहा, “भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ भारी सुरक्षा खामियां हैं।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद ने कहा कि सीमा चौकी के लिए स्वीकृत 231 सीसीटीवी कैमरों में से सिर्फ 13 ही सीमा चौकी पर स्थापित किए गए हैं, जबकि कुछ खास इलाकों में अनधिकृत वाहनों के प्रवेश रोकने के लिए स्थापित 18 अवरोधक (बूम बेरियर) काम नहीं कर रहे हैं।
मलिक ने कहा कि सीमा चौकी पर पाकिस्तान की ओर स्कैनर लगे हुए हैं, जबकि पाकिस्तान से आने वाले वाहनों की जांच के लिए भारतीय चौकी पर खोजी कुत्ते तैनात किए गए हैं।
सांसद ने कहा, “यह हमलोगों को चुभता है कि पाकिस्तान की तरफ ‘स्कैनर लगे हुए हैं और हमारे तरफ सिर्फ कुत्ते हैं। आप पशु पर भरोसा नहीं कर सकते हैं। अनेक बार सीमा चौकी से होकर हथियार आ जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि उनके आग्रह के बाद गृह मंत्रालय ने संयुक्त सीमा चौकी के लिए ‘स्कैनर’ की मंजूरी दी है। सांसद ने सरकार से स्कैनर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।
मलिक ने कहा, “सीमा पर बाड़ लगाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन सीमा चौकी (अटारी) की सुरक्षा कुत्तों के भरोसे है। अंतर्राष्ट्रीय सीमा चौकी के जरिए हथियार आ रहे हैं, क्योंकि जांच कुत्ते करते हैं।”
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