नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीर में उस जड़ तक पहुंचने की जरूरत है, जहां से समस्या शुरू हुई है। कांग्रेस ने कहा कि यह एक मात्र राज्य है, जिसने 1947 में द्विराष्ट्र के सिद्धांत को सामूहिक रूप से खारिज कर दिया था।
नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीर में उस जड़ तक पहुंचने की जरूरत है, जहां से समस्या शुरू हुई है। कांग्रेस ने कहा कि यह एक मात्र राज्य है, जिसने 1947 में द्विराष्ट्र के सिद्धांत को सामूहिक रूप से खारिज कर दिया था।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने यह भी कहा कि वैसे सरकार की प्रतिक्रिया ठीक है, लेकिन वे तभी संतुष्ट होंगे, जब कश्मीर घाटी में शांति बहाल हो जाएगी। आजाद जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।
आजाद ने कश्मीर पर एक सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, “कश्मीरी मुसलमानों ने सबसे पहले द्विराष्ट्र के सिद्धांत को खारिज किया था। जम्मू एवं कश्मीर की संविधान सभा ने खुद को भारत का एक अभिन्न अंग घोषित किया था। हमें मिलकर उस जड़ तक जाना चाहिए, जहां से समस्या शुरू हुई।”
उन्होंने कहा, “यदि कोई गलती हुई है, तो उसे हर हाल में सुधारा जाना चाहिए।”
यह पूछे जाने पर कि क्या वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब से संतुष्ट हैं? आजाद ने कहा, “हम तभी संतुष्ट होंगे जब शांति बहाल हो जाएगी।”
आजाद ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भाषण का जिक्र करते हुए सरकार से कोई समाधान निकालने का आग्रह किया।
सिंह ने बैठक में अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार ने कश्मीर समस्या को सुलझाने के लिए गंभीर प्रयास किए थे। उन्होंने आगे कहा कि वह इस बात को मानते हैं कि उनकी सरकार पूरी तरह सफल नहीं हो पाई थी।
सिंह ने कहा, “यह सरकार का कर्तव्य है कि वह कश्मीर समस्या के समाधान के लिए कोई खाका तैयार करे।”
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