नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बांसुरीवादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन बजाई। उनका कहना है कि इससे उनके मन में ‘गर्व’ की भावना पैदा होती है।
भारतीय शास्त्रीय संगीत को समर्पित यूट्यूब के चैनल ‘दरबार-ए-ताज’ ने यह गायन प्रस्तुत किया।
चौरसिया ने एक बयान में कहा, “मेरी नजर में यह गीत भारतीय होने की भावना को सही मायने में दर्शाता है। यह हर नागरिक में हमारी राष्ट्रीय पहचान को लेकर गर्व का भाव पैदा करता है, चाहे वह युवा हो या वृद्ध। साथ ही यह स्वतंत्रता का जश्न मनाने के लिए सर्वोत्तम विकल्प है।”
चौरसिया ने इस गीत के लिए तबला के साथ अपनी बांसुरी की जुगलबंदी की। गीत के शुरू में मशहूर पाश्र्व गायक शान के बेटे शुभ ने बिना किसी संगीत के इसकी दो पंक्तियां गुनगुनाईं।
शान ने इस बारे में कहा, “देश और उसके नागरिकों के लिए इस स्तुति गान में शामिल होना मेरे बेटे के लिए बड़े सम्मान की बात है।”
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