अगरतला, 14 अगस्त (आईएएनएस)। तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के कार्यकारी निदेशक एस.सी. सोनी ने यहां कहा कि सरकार ने 6,900 किमी गैस पाइपलाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है, जो बांग्लादेश, म्यांमार, अधिकांश पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगी।
सोनी ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, “पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए हाइड्रोकार्बन विजन 2030 के हिस्से के रूप में 6,900 किमी पाइपलाइन बिछाकर सितवे (म्यांमार), चटगांव (बंग्लादेश), अधिकांश पूर्वोत्तर राज्यों, सिलीगुड़ी और दुर्गापुर को जोड़ा जाएगा।”
उन्होंने कहा, “छोटे और पृथक गैस फील्ड्स से गैस की ब्रिकी से जुड़ी नीति बिक्रेता के हक में अधिक हैं। इसलिए ओएनजीसी और ऑयल इंडिया लिमिटेड, जमीन के नीचे की गैस बेचने में सक्षम नहीं हैं।”
सोनी ने कहा कि यह योजना है कि गैस को लाभकारी उद्देश्यों के लिए कहीं और ले जाया जाए।
बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसी) और भारतीय तेल निगम (आईओसी) ने इस साल अप्रैल में संयुक्त रूप से चटगांव में एक तरलीकृत पट्रोलियम गैस (एलपीजी) टर्मिनल संयत्र लगाने का समझौता किया। इससे पूर्वोत्तर के राज्यों को गैस पहुंचाने में मदद मिलेगी।
सोनी ने कहा, “असम में नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) और बीपीसी के बीच बंगाल के सिलीगुड़ी और बांग्लादेश के पार्बतीपुर में हाईस्पीड डीजल (एचएसडी) की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन निर्माण को लेकर भी एक खरीद-ब्रिकी समझौता हुआ है।”
बीते साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच बातचीत के दौरान इस समझौते पर चर्चा हुई थी। दोनों नेताओं ने अपने देश के अधिकारियों को इस संयुक्त उद्यम कंपनी की स्थापना के लिए शर्तो को अंतिम रूप देने के लिए कहा। जिसके तहत इस पाइप लाइन का निर्माण और संचालन किया जाएगा।
पहली उच्चस्तरीय बैठक पिछले सप्ताह गुवाहाटी में हुई और दूसरी बैठक अगरतला में इस साल के अंत में रखी गई है, जिसमें बांग्लादेश, म्यांमार, पूर्वोत्तर के राज्यों और पश्चिम बंगाल में गैस, एलपीजी और एचएसडी ले जाने के लिए पाइपलाइन बिछाने को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इस करीब 6,900 किमी लंबी पाइपलाइन के लिए 13 मार्गो का प्रस्ताव किया गया है।
dharmpath.com dharmpath