उन्होंने संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं), कलेक्टर (कांकेर) तथा सचिव एवं पंजीयक (राज्य गौ सेवा आयोग) तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों से इस मुद्दे पर चर्चा की।
उन्होंने राजधानी रायपुर से संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं) एवं सचिव (गौ सेवा आयोग) के साथ अन्य अधिकारियों की एक टीम भेजकर वस्तुस्थिति की जानकारी ली, तथा मामले की जांच प्रतिवेदन तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
अग्रवाल ने कहा है कि गौशाला में पशुधन की मौत के मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पशु चिकित्सा सेवा संचालक ने दुर्गकोंदल विकासखंड के कामधेनु गौ सेवा संस्थान (गौशाला) करार्माड़ में पशुओं की मौत के संबंध में कहा कि एक अगस्त से 10 अगस्त के बीच इस गौशाला के 15 पशुओं की मौत हुई है।
कांकेर जिले के उप संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं) से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार, उन्होंने 11 अगस्त को जिला प्रशासन कांकेर के अधिकारियों के साथ गौशाला का निरीक्षण किया था, और वहां 119 गाय, 157 बैल तथा छह भैंस पाए गए थे।
प्रतिवेदन के अनुसार, गौशाला में एक अगस्त से 10 अगस्त, 2016 के बीच कुल 15 पशुओं की मौत हुई है। निरीक्षण में दो पशुओं के गंभीर रूप से बीमार होने की जानकारी मिली है।
अग्रवाल ने इस संबंध में पशुपालन विभाग के अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की सभी गौशालाओं का हर सात दिन में निरीक्षण करने तथा गौशालाओं में चारे और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के पशु चिकित्सकों को हर सात दिन में गौशालाओं के पशुधन के स्वास्थ्य की नियमित जांच करने तथा जरूरी इलाज की सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश भी दिए हैं।
अग्रवाल के निर्देश पर 13 अगस्त की देर रात तक संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, सचिव गौ सेवा आयोग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने कामधेनु गौ सेवा संस्थान (गौशाला) करार्माड़ में रहकर निरीक्षण किया।
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