श्रीनगर, 15 अगस्त (आईएएनएस)। राज्य में सोमवार को स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह शांतिपूर्वक संपन्न हो गया, लेकिन शहर के पुराने इलाके में हुए आतंकवादी हमले में 10 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “खानयार क्षेत्र में सुरक्षा बलों के दल पर हुए आतंकवादी हमले में 10 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इनमें से 9 कर्मी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के हैं और एक स्थानीय पुलिसकर्मी है।”
अधिकारी ने बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया है, जहां सीआरपीएफ के दो जवानों की हालत नाजुक बनी हुई है।
इस दौरान, जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बक्शी स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली।
महबूबा ने कहा कि राज्य के तीनों क्षेत्रों के समान विकास के लिए शांति जरूरी है।
उन्होंने कहा, “मैं सुनिश्चित कर रही हूं कि आतंकरोधी अभियानों के दौरान नागरिकों का ढाल के रूप में इस्तेमाल न किया जाए। मैं दुखी हूं, क्योंकि कुछ तत्व हमारे युवाओं का इस्तेमाल अपनी कुख्यात ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए एक ढाल के रूप में कर रहे हैं। ये तत्व अपने मकसद को हिंसा के माध्यम से हासिल करना चाहते हैं। राज्य में 1990 में हजारों लोग मारे गए, लेकिन हमें क्या मिला? पिछले 40 दिनों से हमने अपने युवाओं को इन निहित स्वार्थी तत्वों के हवाले कर दिया है जो उन्हें चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को वर्तमान हिंसा से लगे जख्म को भरने के लिए समय चाहिए। घाटी में बीते कुछ समय से जारी हिंसा में कम से 57 लोग मारे गए हैं।
महबूबा ने दुख प्रकट किया कि आतिथि सत्कार के इस्लाम के संदेश के बावजूद गृह मंत्री राजनाथ सिंह के हाल के पाकिस्तान दौरे के दौरान बुनियादी आतिथ्य को भी नजरअंदाज कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने भारत और पाकिस्तान को साथ आने की अपील की और कश्मीर के दोनों हिस्सों में शांति स्थापित करने के लिए काम करने को कहा।
उन्होंने कहा, “झेलम नदी में काफी खून बह चुका है। अब इसकी क्षमता और खूनखराबा झेलने की नहीं है।”
महबूबा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरी संसद जम्मू और कश्मीर के लोगों को वर्तमान संकट से बाहर निकालने के लिए पूरी तरह उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने खेद व्यक्त किया कि सरकार जब भी स्कूल खोलती है, उन्हें जबरदस्ती बंद करा दिया जाता है। महबूबा ने कहा कि वर्तमान संकट से राज्य का विकास प्रभावित हुआ है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में राज्य के मंत्री, वरिष्ठ नागरिक और सेना अधिकारी मौजूद थे।
सरकार ने देश के 70वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान किसी भी हिंसा को रोकने के लिए समूचे श्रीनगर और घाटी के अन्य नौ जिलों में कर्फ्यू लगाया है।
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