बाढ़ की वजह से सैकड़ों स्कूलों में पठन-पाठन ठप हो गया है। कई संपर्क मार्ग बह गए हैं। शनिवार को भी नदी के जलस्तर में वृद्धि रिकार्ड किया गया। इलाहाबाद से बलिया तक जलस्तर बढ़ाव पर है। इलाहाबाद में गंगा जहां प्रति घंटे तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ रही है, वहीं बलिया में रफ्तार एक सेंटीमीटर है।
इतिहास के पन्नों पर ध्यान दें तो गंगा नदी वर्ष 2003 में गायघाट गेज पर 60.250 मीटर के बिंदु पर पहुंची थी, जो अब तक का हाई लेवल है। वर्ष 2013 में भी बाढ़ का रौद्र रूप था, लेकिन नदी का जलस्तर 60.140 मीटर तक ही पहुंचा था।
शनिवार को नदी का जलस्तर 59.850 मीटर पहुंच चुका है, जबकि बढाव जारी है। इससे चौबेछपरा, श्रीनगर, अवशेष गंगापुर का अस्तित्व जहां खतरे में है, वहीं दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं।
बलिया के दुबहर में बीआरसी समेत 18, बेलहरी में 18, सोहांव में 15, मुरलीछपरा में 25 व बैरिया ब्लॉक में लगभग 21 परिषदीय स्कूल प्रभावित है। शनिवार को डीएम गोविंदराजू एनएस ने बाढ़ का जायजा लेने के बाद यहां की जरूरत के अनुसार एनडीआरएफ की मांग की।
चांद दियर चौकी के आगे सड़क से थोड़ा ही नीचे पानी देखने के बाद डीएम ने राहत आयुक्त से बात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बाढ़ में फंसे गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए।
dharmpath.com dharmpath