अगरतला, 25 अगस्त (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने गुरुवार को कहा कि कुछ लोग निहित स्वार्थ के कारण राज्य में हाल ही में हुए जातीय संघर्ष का फायदा उठाने का प्रयास कर रहे हैं और इसके लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सरकार ने संवाददाताओं से कहा, “प्रशासन उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।”
माणिक ने समाज के सभी वर्गो से शांति और सांप्रदयिक सद्भावना बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा कि गलत इरादों वाले कुछ लोग राज्य में लंबे समय से कायम सद्भावना और जातीय शांति को भंग करने का प्रयास कर रहे हैं।
सरकार राज्य में 23 अगस्त को हुई हिंसा की घटना के बारे में पुलिस महानिदेशक के. नागराज से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे, जिसमें 24 लोग घायल हो गए थे और 17 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे।
अगरतला में एक जनजातीय पार्टी ‘इंडीजीनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा’ (आईपीएफटी) द्वारा बिना किसी कारण नागरिकों, व्यापारियों और वाहनों पर हमला किए जाने के बाद हिंसात्मक झड़पें शुरू हो गई थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने जातीय संघर्ष की मेजिस्ट्रेट जांच कराने का आदेश दिया है और पश्चिमी त्रिपुरा जिले के जिलाधीश और कलेक्टर को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।”
आईपीएफटी एक अलग राज्य के निर्माण के लिए आंदोलन कर रहा है।
सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समेत लगभग सभी पार्टियों ने आईपीएफटी की मांग ठुकरा दी है।
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