पणजी, 26 अगस्त (आईएएनएस)। विगत पांच वर्षो में अपराध के लिए आरोपित 583 विदेशी नागरिकों में जमानत मिलने के बाद 333 भूमिगत हो गए हैं। यह जानकारी पुलिस उपमहानिरीक्षक वी.गुप्ता ने शुक्रवार को दी।
विदेशी नागरिकों से संबंधित अपराधों और गोवा में अधिक समय तक रहने के खिलाफ एक पुलिस अभियान का नेतृत्व कर रहे गुप्ता ने कहा कि कुल गायब हुए 333 विदेशी नागरिकों में 208 नाइजीरियाई थे।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि इन 333 विदेशी नागरिकों का कोई अता-पता नहीं है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक ने कहा, “यह कवायद विशिष्ट रूप से नाइजीरियाई लोगों के लिए नहीं है। हमारा विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक आम अभियान है, जो यहां आते हैं और अपराध में संलिप्त हो जाते हैं, और उनके खिलाफ है, जो अपराध करने के बाद भूमिगत हो जाते हैं। हम उन्हें चिन्हित करने की कोशिश कर रहे हैं और हमारा प्रयास उन्हें प्रक्रिया के अनुरूप निर्वासित करना है।”
गुप्ता ने कहा कि अभियान का उद्देश्य आम लोगों, खास तौर पर उन लोगों में जागरूकता फैलाना है, जो छोटी अतिथिशालाएं चलाते हैं और संदेहास्पद यात्रा दस्तावेज रखने वाले विदेशी नागरिकों की बहुधा मेजबानी करते हैं।
गोवा विधानसभा के मानसून सत्र में अपराध करने के बाद गोवा में रहने वाले विदेशी नागरिकों के मुद्दे पर बहस हुई थी।
गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने कहा है कि निर्वासन की प्रतीक्षा कर रहे विदेशी नागरिकों के लिए एक हिरासत केंद्र खोला जाएगा, ताकि उन्हें स्वदेश वापस भेजे जाने तक उनका घूमना-फिरना प्रतिबंधित किया जा सके।
dharmpath.com dharmpath