नई दिल्ली, 2 सितम्बर (आईएएनएस)। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया कि दिल्ली को पूर्ण राज्य घोषित करने की मांग करने वाली अपनी याचिका उसने वापस ले ली है, क्योंकि उसने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के लिए छह याचिकाएं दायर की हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में दिल्ली के उपराज्यपाल को दिल्ली सरकार का प्रशासनिक प्रमुख बताया था।
दिल्ली सरकार को अपनी याचिका वापस लेने की मंजूरी देते हुए न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए.के.सीकरी तथा न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ की सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने ताजा घटनाक्रम के मद्देनजर, ताजा याचिका दायर करने की मंजूरी दे दी। दिल्ली सरकार ने इस साल की शुरुआत में वह याचिका दायर की थी।
महाधिवक्ता रंजीत कुमार ने जब वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह की याचिका का विरोध किया, तो पीठ ने कहा कि वह इसमें नहीं पड़ने जा रही कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है या नहीं।
दिल्ली सरकार की तरफ से न्यायालय में पेश इंदिरा जयसिंह ने न्यायालय से कहा कि उच्च न्यायालय को चुनौती देनेवाली छह याचिकाएं दायर की गई हैं। पहली याचिका 31 अगस्त को और अन्य एक सितंबर तथा दो सितंबर को दायर की गईं।
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