सीधी, 2 सितंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में आम जनों को तय समय सीमा में शासन की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लोक सेवा गारंटी अधिनियम लागू किया गया है। सीधी जिले में प्रसूति सहायता समय पर उपलब्ध न करने पर स्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है।
जिलाधिकारी अजय वर्मा ने प्रसूति सहायता के आवेदन पर लोक सेवा गारंटी योजना में तय समय-सीमा में निराकरण नहीं करने पर सीधी जिला अस्पताल के डॉ. वी़ बी़ सिंह पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया है। इसी तरह खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामावतार भारती पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
आधिकारिक तौर पर शुक्रवार को दोनों अधिकारियों पर अर्थदंड लगाए जाने की जानकारी दी गई। इन दोनों अधिकारियों को प्रसूति सहायता समय पर उपलब्ध न कराने का दोषी मानते हुए जुर्माना लगाया गया है।
ज्ञात हो कि राज्य में आम जनों को शासन की सुविधाओं के लिए लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 में लागू किया गया है। इस अधिनियम के तहत सरकारी अमले की जिम्मेदारी है कि वह इस अधिनियम के दायरे में आई शासन की योजनाओं का लाभ तय समय सीमा में हितग्राही को उपलब्ध कराए। ऐसा न होने पर अधिकारी पर अर्थदंड का प्रावधान है।
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