गुवाहाटी, 2 सितंबर (आईएएनएस)। असम के सबसे मशहूर कवि और साहित्य समालोचक नलिनीधर भट्टाचार्य का शुक्रवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।
परिजन ने कहा कि शुक्रवार को सवेरे 4.10 बजे भट्टाचार्य का निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। उन्हें बुधवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह उम्र से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे थे।
भट्टाचार्य को साल 2002 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मनित किया गया था। वह पांच पद्य संग्रहों और अनेक लेखों के लेखक थे।
साल 1983 में सेवानिवृत्त होने से पहले एक असमिया साहित्य के शिक्षक के रूप में भट्टाचार्य ने शिलांग के सेंट एंथनी कॉलेज और बाद में गुवाहाटी के आर्य विद्यापीठ कॉलेज में अपनी सेवाएं दी थीं।
भट्टाचार्य की मशहूर कृतियों में सेरासलिर, मलिता, नानी असोन भारत, आहोत सपोन आदि शामिल हैं।
असम साहित्य सभा के अध्यक्ष ध्रुबज्योति बोरा ने भट्टाचार्य के निधन पर शोक व्यक्त किया है और कहा कि राज्य ने एक महान आत्मा और मानवतावादी को खो दिया है।
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