अंसारी परिवार के एक सदस्य ने बताया कि पूर्व मंत्री अपने कमरे में सो रहे थे। जब नाती गोलू उन्हें जगाने गया तो वह नहीं जागे। बच्चे से अपने पिता शौकत अंसारी को जानकारी दी। उन्होंने पारिवारिक चिकित्सक को बुलाया, तो चिकत्सक ने जांच कर इश्तियाक अंसारी को मृत घोषित कर दिया।
अंसारी 17 अक्टूबर, 1993 को सपा-बसपा गठबंधन में विधायक चुने गए थे। कुछ समय बाद सपा बसपा गठबंधन टूटा और लखनऊ में गेस्ट हाउस कांड हुआ, जिसमें बसपा मुखिया मायावती को बचाने में अंसारी की अहम भूमिका रही। जब दूसरी बार भाजपा के सहयोग से मायावती फिर मुख्यमंत्री बनीं तो उन्होंने 11 जून, 1995 को इश्तियाक अंसारी को हथकरघा राज्यमंत्री बनाया था।
पूर्व मंत्री के बेटे शौकत अंसारी ने बताया कि पिता का इंतकाल शुक्रवार को हुआ। मुस्लिम धर्म में यह दिन पवित्र दिन मन गया है। उन्हें शाम पांच बजे बाराचवर रामलीला मैदान के बगल में स्थित पुस्तैनी कब्रिस्तान में दफनाया गया।
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