आगरा, 3 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय हिंदी संस्थान प्रबंधन के खिलाफ तीन दिवसीय विरोध-प्रदर्शन के बाद ओडिशा के विद्यार्थी शनिवार को अपनी कक्षाओं में लौट गए।
हिंदी शिक्षण पाठ्यक्रम के लिए इस सत्र के लिए पंजीकृत ओडिशा के विद्यार्थी बीते तीन दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग थी कि ‘प्रवीण’ डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उनकी नौकरी सुनिश्चित की जाए।
आंदोलनकारी विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि संस्थान के अधिकारियों ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया। इसके बाद 70 से अधिक विद्यार्थी सड़क पर बैठ गए और नारे लगाए।
कॉलेज के रजिस्ट्रार चंद्रकांत त्रिपाठी ने आईएएनएस से शनिवार को कहा, “संस्थान हिंदी सीखने वालों के लिए कई तरह के पाठ्यक्रम चला रहा है, जिनमें कई विदेशी छात्र भी पंजीकृत हैं। हड़ताली विद्यार्थियों के आरोपों में कोई दम नहीं है। हमारे पाठ्यक्रम को नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) से मान्यता मिली हुई है। हमारे पाठ्यक्रमों से विगत सालों में हजारों छात्र लाभान्वित हो चुके हैं।”
त्रिपाठी ने कहा, “आंदोलनकारी मुझपर दबाव डाल रहे थे कि मैं उन्हें लिखकर दूं कि पाठ्यक्रम खत्म होने के बाद उन्हें ओडिशा में नौकरी मिल जाएगी, लेकिन यह हमारे अधिकार से बाहर की बात है। उनकी मांगों पर विचार करने का अधिकार राज्य सरकार के पास है।”
संस्थान के निदेशक नंद किशोर पांडे ने कहा कि विदेशी छात्रों तथा देश के विभिन्न हिस्सों के छात्रों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा तंत्र अपना काम कर रहा है और किसी को भी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं मिलेगी।
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