चेन्नई, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में शुक्रवार को किसानों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों के विभिन्न प्रतिनिधि संगठनों की ओर से आहूत हड़ताल के मद्देनजर अधिकांश दुकानें, निजी स्कूल, पेट्रोल पंप बंद हैं, और ऑटो रिक्शा, निजी बसों का परिचालन नहीं हो रहा है।
विभिन्न संगठनों ने कावेरी नदी जल की मांग को लेकर यह बंद आहूत किया है। ये संगठन कर्नाटक में तमिलों और उनकी संपत्तियों पर हुए हमलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु को जारी करने के संबंध में आए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को लेकर कर्नाटक में तमिलनाडु की कई बसों और ट्रकों को उपद्रवियों ने जलाकर राख कर दिया था।
ऐसी भी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कर्नाटक में प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु के ट्रक चालकों को बेइज्जत और प्रताड़ित किया।
अभी तक फिलहाल, बंद शांतिपूर्ण रहा है। इस दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है, जबकि बस अड्डे, व्यावसायिक केंद्र और सड़कें सुनसान हैं।
बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों के बाहर तैनात किया गया है।
सरकारी परिवहन के साधन, सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, बैंक और अधिकांश दुकानें बंद हैं।
कई निजी स्कूलों में भी अवकाश घोषित किया गया है, जबकि राज्य में ऑटो रिक्शा, टैक्सी और निजी बसें सड़कों से नदारद हैं।
कोयमबेदु में सब्जियों का थोक बाजार भी बंद है।
राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने कुछ स्थानों पर रेलगाड़ियां रोकने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
हालांकि, इस बंद से राज्य सरकार के उपक्रम द्वारा दूध जैसे जरूरी सामानों की आपूर्ति बाधित नहीं है।
निजी पेट्रोल पंप बंद हैं, लेकिन सरकारी पेट्रोल पंपों में कामकाज सामान्य है।
राज्य में सत्तारूढ़ एआईएडीएमके पार्टी को छोड़कर सभी अन्य प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने बंद के प्रति समर्थन जताया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी बंद को समर्थन देते हुए उन संगठनों की निंदा की है, जिन्होंने केंद्र सरकार के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन की योजना बनाई है।
त्रिची में एमडीएमके नेता वाइको को पुलिस ने रेल यातायात अवरुद्ध कर प्रदर्शन करने से रोक दिया।
वाइको ने मीडियाकर्मियों से कहा कि कावेरी जल बंटवारे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार उसी नीति का अनुसरण कर रही है, जो नीति पूर्व की कांग्रेस सरकार ने अपनाई थी।
केंद्र सरकार कावेरी प्रबंधन बोर्ड और कावेरी जल नियामक प्रशासन की स्थापना नहीं कर रही है।
चेन्नई में डीएमडीके पार्टी भूख हड़ताल पर है, जबकि उनके संस्थापक ए.विजयकांत ने स्वास्थ्य कारणों से इस प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया।
डीएमके नेता एम.के.स्टालिन ने एगमोर रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
डीएमके से राज्यसभा सांसद कनिमोझी भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रही हैं और उन्हें हिरासत में लिया जा चुका है।
dharmpath.com dharmpath