नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। वैश्विक नवाचार सूचकांक (जीआईआई)-2016 में भारत 15 पायदान की छलांग लगाकर 66वें स्थान पर आ गया है। देश में नवाचार के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और इस प्रकार जीआईआई में भारत की रैंकिंग में और सुधार लाने के उद्देश्य से औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग ने नवाचार के बारे में एक कार्यबल गठित किया है।
वैश्विक नवाचार सूचकांक- 2016 (जीआईआई) की अभी हाल में शुरुआत की गई थी, जिसमें भारत ने पिछले तीन वर्षो से अधिक अवधि में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी सेवा निर्यात में शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। भारत की मध्य और दक्षिण एशिया में शीर्ष स्थान वाली अर्थव्यवस्था है।
रपट के अनुसार, भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के नावाचार के संबंध में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। भारत का मध्यम आय अर्थव्यवस्थाओं में नवाचार गुणवत्ता में दूसरा स्थान है।
रपट के अनुसार, भारत इस बात का अच्छा उदाहरण है कि कैसे नीति, नवाचार वातावरण को सुधार रही है। भारत ज्ञान, समावेश उप-स्तंभ के अंदर सभी संकेतकों से भी आगे चला गया है। इसने व्यावसायिक उद्यम में जीआईआई मॉडल के नए निगमित अनुसंधान प्रतिभा के क्षेत्र में ठोस प्रदर्शन किया है और इस बारे में 31वां स्थान प्राप्त किया है।
नवाचार में भारत की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की क्षमताओं को मान्यता देते हुए वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) निर्मला सीतारमण ने एक कार्यबल की स्थापना करने का निर्देश दिया था, जो भारत में नवाचार को आगे बढ़ाने का काम करेगा।
सरकारी अधिकारियों और निजी संगठनों -नौशाद फोर्ब्स (सह अध्यक्ष, फोर्ब्स मार्शल समूह, अध्यक्ष सीआईआई), डॉ. अनिल वली (एमडीए एफआईटीटीटी आईआईटी दिल्ली), गोपीचंद कटरागड्डा (सीटीओ, टाटा संस), क्रिस गोपालकृष्णन (कार्यकारी उपाध्यक्ष, इंफोसिस), डॉ. निकोलाई डोबर्सस्टीन (भागीदारए ए.टी. कर्नी लिमिटेड), राजीव श्रीनिवासन (सहायक संकाय, नवाचार आईआईएम-बी) और विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग के प्रतिनिधि, कार्यबल के संयोजक राजीव अग्रवाल, संयुक्त सचिव, डीआईपीपी को शामिल करके कार्यबल का गठन किया गया है।
यह कार्यबल एक नवाचार देश के रूप में भारत की स्थिति का आकलन करेगा और भारत में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को आगे बढ़ाने और इस प्रकार जीआईआई में भारत की रैंकिंग में सुधार लाने के बारे में कदम उठाने के लिए सुझाव देगा।
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