ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, बताया जाता है कि गांव में शुक्रवार की रात सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बैठकर पूरा कार्यक्रम देखा और देर रात अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए। लेकिन जब वे सुबह उठे तो उनके आंखों में संक्रमण हो चुका था। बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा दिक्कतें हुईं।
बताया जाता है कि कई बच्चों की आंखें ही नहीं खुल पा रही थीं। कई की आंखें लाल होने के साथ-साथ उनमें तीव्र जलन की शिकायत मिल रही थीं। धीरे-धीरे पता चला कि गांव के सैकड़ों लोगों की आखें संक्रमित हो चुकी हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने यहां कैम्प लगाकार इलाज शुरू कर दिया है। बालोद जिला चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. सोनी व उनके सहयोगियों द्वारा मौके पर प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है।
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