नई दिल्ली, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 सितंबर को नई दिल्ली में सीएसआईआर की प्लेटिनम जुबली का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रतिष्ठित शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
केंद्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री तथा वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के उपाध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं में विकसित पौधों के सात नई किस्मों को देश के विभिन्न हिस्सों के किसानों के लिए जारी करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सीएसआईआर के तकनीकी योगदान को दिखाने वाली प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।
हर्षवर्धन ने कहा कि इस मौके पर सीएसआईआर हीरक जयंती प्रौद्योगिकी पुरस्कार, ग्रामीण विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार के लिए सीएसआईआर पुरस्कार, सीएसआईआर प्रौद्योगिकी पुरस्कार, वर्ष 2016 के लिए जी.एन. रामचंद्रन स्वर्ण पदक पुरस्कार, सीएसआईआर युवा वैज्ञानिक पुरस्कार, स्कूली बच्चों के लिए सीएसआईआर नवाचार पुरस्कार तथा सीएसआईआर के अन्य पुरस्कार दिए जाएंगे।
हर्षवर्धन ने सीएसआईआर के एकीकृत कौशल विकास कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ करने के बाद कहा, “आने वाले वर्ष में सीएसआईआर की प्लैटिनम जुबिली के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें प्रदर्शनी और प्रख्यात वैज्ञानिकों और उद्योगपतियों के व्याख्यान शामिल हैं। कार्यक्रम देश के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे।”
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री ने कहा, “सीएसआईआर कई क्षेत्रों में अलग-अलग अवधि के 30 एकीकृत कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करेगी। कार्यक्रमों की संख्या अगले वर्ष में बढ़ा कर 75 की जाएगी। ये सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम एक-दूसरे से जुड़े हैं, उद्योग की आवश्यकता के अनुरूप हैं। इसलिए छोटे उद्यमों सहित रोजगार के अवसर होंगे।”
हर्षवर्धन ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उच्च प्रतिभासंपन्न 8000 कर्मियों वाली सीएसआईआर को भारत और स्टैंड-अप इंडिया जैसे उद्योग संवर्धन कार्यक्रमों में अनूठा योगदान करने वाला संगठन बताया। उन्होंने कहा कि इसकी सुविधाएं अद्यतन और आधिनिक हैं और पूरे देश में इसकी मौजूदगी है।
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