रायगढ़(महाराष्ट्र), 24 सितम्बर (आईएएनएस)। तीन कश्मीरियों को सैनिक वाले अंदाज देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई। उन्हें शनिवार दोपहर बाद पनवेल शहर में हिरासत में लिया और बाद में पहचान प्रमाणित हो जाने के बाद छोड़ दिया।
एक अधिकारी ने बताया कि उनके जीवन का इतिहास जान लेने के बाद उन्हें जाने की इजाजत दे दी गई।
यह घटना गवहानफाटा के पास तब घटी जब इन तीनों को एक कंटेनर ट्रक के करीब पाया गया। ये सेना की तरह की वर्दी पहने हुए थे। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान एक बस से गुजर रहे थे तो उन्होंने इन्हें अभिवादन किया।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील बजारे ने कहा कि तीनों को पनवेल पुलिस थाने ले जाया गया और विस्तार से पूछताछ की गई। इसके बाद सच्चाई सामने आई।
सेना की वर्दी की बाबत तीनों ने कहा कि वे पूर्व सैनिक हैं, लेकिन अब एक ट्रक कंपनी के लिए काम करते हैं और अभी सामान पहुंचाने जा रहे हैं।
इसके बाद कंपनी से एक अधिकारी पहुंचा और उसने उनके पहचान-पत्र को प्रमाणित किया, जिसके बाद उन्हें जाने की इजाजत दी गई।
गुरुवार को उरड़ जिले में कुछ स्कूली छात्रों के कुछ संदिग्ध लोगों के देखने की घटना के मद्देनजर शनिवार को यह घटना घटी। यह जगह पलवेल से मात्र 30 किलोमीटर दूर है। इस वजह से सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी थी, लेकिन पुलिस के शीर्ष अधिकारियों का कहना था कि चिंता का कोई कारण नहीं है।
अफवाहों को खारिज करते हुए नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले ने कहा कि ये कर्मी केवल ट्रक पर काम करने वाले मजदूर थे और बाकी सारी अफवाहें फर्जी थीं।
इस बीच स्थानीय पुलिस तीसरे दिन उन सभी अभियानों को जारी रखे हुए है, जिससे अज्ञात लोगों का पता चल सके, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
dharmpath.com dharmpath