रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने आरोप लगाते हुए कहा, “लोकसभा चुनाव तक समाजवादी पार्टी (सपा) और भाजपा के लोग दंगों को हवा देकर राजनैतिक रोटियां सेंकते रहे। चुनाव खत्म होते ही दंगे भी खत्म हो गए। अब विधान सभा चुनाव होने वाले हैं और कैराना का मुद्दा उछालकर पुन: सुर्खियां बटोरना चाह रहे हैं।”
डॉ. अहमद ने कहा कि प्रदेश में ऐसा कोई जनपद नहीं है जहां के लोग अच्छी शिक्षा और अच्छी नौकरी के लिए शहरों को न जाते हों। लगता है कि भाजपा की यही भावना है कि गांव के लोगों का जीवन स्तर ऊपर न उठ सके, साथ ही लोगों को स्थानीय शिक्षा व्यवस्था पर ही आश्रित रहना पड़े।
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