जमानत रद्द, शहाबुद्दीन फिर गए जेल (राउंडअप)

सीवान/पटना, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार को जमानत रद्द किए जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन 20 दिनों बाद फिर जेल पहुंच गए। शहाबुद्दीन ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद सीवान की एक अदालत में समर्पण कर दिया। अदालत के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में हमारे समर्थक नीतीश को सबक सिखाएंगे।

पुलिस ने कहा कि शहाबुद्दीन ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीवान के व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत के आदेश के बाद उन्हें सीवान जेल भेज दिया गया।

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राजद के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन को राजीव रोशन हत्या मामले में पटना उच्च न्यायालय से मिली जमानत रद्द करते हुए उन्हें वापस जेल भेजने का आदेश दिया। राजीव के पिता चंद्रकेश्वर प्रसाद के साथ बिहार सरकार ने शहाबुद्दीन को पटना उच्च न्यायालय से मिली जमानत को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

शहाबुद्दीन को सात सितम्बर को पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी, जिसके बाद 10 सितम्बर को भागलपुर जेल से इस बाहुबली नेता को रिहा कर दिया गया था।

शहाबुद्दीन ने समर्पण के पूर्व अदालत परिसर में पत्रकारों से कहा कि उन्हें न्याय प्रणाली पर पूरा विश्वास है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ बोलने का खामियाजा भुगतने जैसे सवाल पर शहाबुद्दीन ने कहा, “जो सच है, उसे बोलने को लेकर मैं परवाह नहीं करता। मैं आज भी अपने बयान पर कायम हूं। अगले चुनाव में हमारे समर्थक उन्हें सबक सिखा देंगे।”

उल्लेखनीय है कि जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद शहाबुद्दीन ने कहा था कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद उनके नेता हैं, जबकि नीतीश कुमार परिस्थितिजन्य मुख्यमंत्री हैं।

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर कोई टिप्पणी करने से इंकार करते हुए उन्होंने कहा, “अदालत के आदेश का सम्मान करते हुए जैसे ही मुझे फैसले की जानकारी हुई, मैंने समर्पण कर दिया।”

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शहाबुद्दीन की जमानत रद्द किए जाने के फैसले पर राजीव के बूढ़े माता-पिता ने संतोष व्यक्त किया है।

शहाबुद्दीन की जमानत रद्द होने की सूचना के बाद चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू की आंखों में खुशी के आंसू छलक गए। उन्होंने कहा, “समाज के इस एहसान का बदला कैसे चुका पाऊंगा। आज तीनों पुत्रों की आत्मा को शांति मिली होगी।”

चंदा बाबू की पत्नी कलावती देवी ने भी अदालत के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शहाबुद्दीन की जगह जेल में ही है। उन्होंने कहा कि भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं है।

अदालत के फैसले पर राज्य की सियासत गर्म हो गई है। फैसले पर विपक्ष जहां नीतीश सरकार पर निशाना साध रहा है, वहीं सत्ताधारी दल इसे अदालती कारवाई बता रहा है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि इस मामले में बिहार सरकार बेनकाब हो गई है।

उन्होंने कहा, “अगर नीतीश कुमार सच में सुशासन चाहते हैं तो शहाबुद्दीन को बिहार के बाहर जेल में शिफ्ट करने और उस पर बिहार से बाहर मुकदमा चलाने का आग्रह सर्वोच्च न्यायालय से करें।”

मोदी ने राजद पर निशाना साधाते हुए कहा कि सुशासन का झूठा राग अलापने वाली राजद ने शहाबुद्दीन को पार्टी से बाहर तक नहीं किया है।

राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि शहाबुद्दीन को लेकर भाजपा बेकार का हायतौबा मचा रही है। बिहार विधानसभा चुनाव हारने के बाद भजपा बेचैनी में है।

उन्होंने कहा, “किसी अदालत ने ही पूर्व सांसद को जमानत दी थी और फिर अदालत ने ही जमानत रद्द की है। अदालत के किसी फैसले का राजद सम्मान करती है। यही कारण है कि अदालत का फैसला आने के तुरंत बाद शहाबुद्दीन ने अदालत में समर्पण कर दिया।”

इस बीच जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, “बिहार में कानून की सरकार है। सरकार न किसी को बचाती है और न किसी को फंसाती है। सरकार कानून का पालन करती है।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493