नई दिल्ली, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। कायाकल्प और शहरी परिवर्तन अटल मिशन (अमृत) के अंतर्गत वर्ष 2015-16 में शहरी सुधार को प्रोत्साहित करने के लिए शुक्रवार को 19 राज्यों तथा केन्द्रशासित क्षेत्र चंडीगढ़ को पुरस्कृत किया गया। शहरी विकास प्रदर्शन के कार्य में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों की सूची में तमिलनाडु शीर्ष पर रहा और केन्द्रशासित क्षेत्रों में चंडीगढ़ अव्वल रहा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने यहां इंडोसेन सम्मेलन के दौरान श्रेष्ठ कार्य प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रतीक चिन्ह और चेक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 में फोकस ई-गर्वनेंस, डबल एन्ट्री, लेखा, यूजर्स शुल्क और पालिका करों की उगाही, जल और ऊर्जा लेखा, एकल खिड़की मंजूरी पर रहा। वर्ष 2016-17 में फोकस अधिक आबादी वाले 53 शहरों में भवन अनुमति की ऑनलाइन व्यवस्था करने, पुराने पम्प सेटों को बदलकर ऊर्जा सक्षम पम्प सेट लगाने, शोधित जल का फिर से उपयोग करने तथा शहरी बाढ़ प्रबंधन की योजना पर होगा।
जिन 20 राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेश को सुधार के लिए प्रोत्साहन राशि दी गई, वे इस प्रकार हैं- तमिलनाडु (61.34 करोड़ रुपये), कर्नाटक (29.92 करोड़ रुपये), ओडिशा (10.27 करोड़ रुपये), तेलंगाना (10.73 करोड़ रुपये), केरल (15.00 करोड़ रुपये), छत्तीसगढ़ (13.00 करोड़ रुपये), आंध्र प्रदेश (13.62 करोड़ रुपये), मध्य प्रदेश (33.45 करोड़ रुपये), गुजरात (26.72 करोड़ रुपये), बिहार (15.04 करोड़ रुपये), राजस्थान (20.80 करोड़ रुपये), मिजोरम (1.63 करोड़ रुपये), महाराष्ट्र (45.57 करोड़ रुपये), उत्तर प्रदेश (63.47 करोड़ रुपये), झारखंड (7.28 करोड़ रुपये), हिमाचल प्रदेश (3.54 करोड़ रुपये), त्रिपुरा (1.70 करोड़ रुपये), पश्चिम बंगाल (24.89 करोड़ रुपये), गोवा (1.34 करोड़ रुपये) और चंडीगढ़ (0.69 करोड़ रुपये)।
वर्ष 2015-16 में सुधार प्रोत्साहन के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान था। 23 राज्यों/केन्द्रशासित क्षेत्रों ने शहरी विकास मंत्रालय में आवेदन किया। राज्यों/केन्द्रशासित क्षेत्र के दावों की जांच के बाद 70 अंक प्राप्त करने वाले राज्यों को सुधार प्रोत्साहन देने के लिए चुना गया। इसमें हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह सफल नहीं हो पाए।
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