57 नक्सलियों में से 17 ने बंदूक के साथ समर्पण किया। इसके अलावा नक्सलियों के 297 समर्थकों व सहयोगियों द्वारा भी पुलिस के समक्ष भविष्य में नक्सलियों का साथ नहीं देने व समाज की मुख्यधारा से जुड़कर रहने का संकल्प लिया गया।
समर्पित नक्सलियों में शासन द्वारा इनामी 15, पुलिस अधीक्षक द्वारा घोषित इनामी 11, स्थाई वारंटी 7 नक्सली शामिल हैं। सभी ने आईजी बस्तर रेंज, एसपी सुकमा एवं डीआईजी सीआरपीएफ सुकमा रेंज के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
इसके अलावा कार्यक्रम में नक्सल विचारधारा को त्यागकर विभिन्न ग्रामों के नक्सल समर्थक एवं सहयोगियों ने भी आत्समर्पण किया। इसमें केरलापाल मांझीपारा के 53, पटेलपारा केरलापाल के 45, पोटमपारा के 38, बोरगुड़ा के 5, गोंदपल्ली मोसलपारा के 50, जीरमपाल के 26, जैमेर के 10, पालेम के 11, धुररास के 3, बड़े शेट्टी के 8, धुरगुड़ा के 35 व पांडूपारा के 13 नक्सल समर्थकों व सहयोगियों द्वारा पुलिस के समक्ष भविष्य में नक्सलियों का साथ नहीं देने व समाज की मुख्यधारा से जुड़कर रहने का संकल्प लिया गया।
नक्सली सदस्यों-सहयोगियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में जिले में पदस्थ 2226 वाहिनी सीआरपीएफ के पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा। आत्मसमर्पित 57 नक्सलियों को शासन की पुनर्वास योजना के तहत दस-दस हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
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