इंदौर, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) द्वारा इंदौर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान उपाध्यक्ष एम. एस. सथ्यु द्वारा भारतीय सेना की सर्जिकल कार्रवाई पर दिए गए बयान को लेकर मंगलवार को हिंदूवादी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई है। हिंदूवादी संगठन के हंगामे की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने निंदा की है।
इंदौर में रविवार को शुरू हुए तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन सथ्यु ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल कार्रवाई पर सवाल उठाए थे, साथ ही कहा था कि भारत का भरोसा आक्रमण पर नहीं होना चाहिए।
सथ्यु के इस बयान पर विभिन्न लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, और उसके बाद मंगलवार को हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने आयोजन स्थल पर घुसकर हंगामा किया और भारत माता की जय के नारे भी लगाए। हंगामा करने वालों के हाथों में तिरंगा झंडा भी था। दोनों पक्षों में हुई मारपीट में कुछ लोगों के घायल होने की भी खबर है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव बादल सरोज ने एक बयान जारी कर हिदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं के कृत्य की निंदा की है। उन्होंने कहा, “इंदौर में इप्टा के राष्ट्रीय सम्मेलन के मंच पर कुछ स्वयंभू हिदूवादी कार्यकर्ताओं का धावा एक आपराधिक कृत्य है। किसी भी साहित्यिक, सांस्कृतिक, वैचारिक आयोजन पर गुंडागर्दी की कोशिशें न सिर्फ अलोकतांत्रिक हैं, बल्कि शुद्ध रूप में कुंठित तालिबानी सोच और हिटलरी फासीवादी कार्यशैली का घिनौना प्रतिरूप हैं।”
माकपा के बयान में कहा गया है कि भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में इप्टा और उससे जुड़े कला समूहों, कलाकारों ने जो भूमिका निभाई थी, उसे साम्प्रदायिकता फैलाने वाले कभी नहीं समझ सकते, जिनके पूर्वज आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के चाकर बने हुए थे।
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