नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा एवं खान मंत्रियों का दो दिवसीय सम्मेलन सात और आठ अक्टूबर को गुजरात के वड़ोदरा में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्घाटन विद्युत, कोयला, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा और खान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल करेंगे।
यहां जारी एक बयान के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य वर्तमान में चल रही विभिन्न योजनाओं/ कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा करना और बिजली, कोयला, नवीकरणीय ऊर्जा तथा खान क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है।
बयान के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री और सचिव तथा उनके तहत आने वाले चार क्षेत्रों एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी कई सारे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
बयान में कहा गया है कि सम्मेलन में राज्यों द्वारा भवन निर्माण में ऊर्जा संरक्षण कोड की अनिवार्यता और कृषि मांग प्रबंधन पर भी चर्चा की जाएगी। प्रगतिशील पनबिजली नीति के व्यापक पहलुओं के अंतर्गत लघु पनबिजली सहित पनबिजली विकास के लिए नीतिगत कार्रवाई पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
बयान के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा के साथ ही नवीकरणीय खरीद दायित्वों (आरपीओ) और नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाण पत्रों (आरईसी) के अनुपालन से संबंधित मुद्दों की राज्यवार समीक्षा की जाएगी।
बयान के अनुसार, कोयला कंपनियों के लिए कोयले के महत्वपूर्ण विकल्प, थर्ड पार्टी सेंपलिंग और कोयले के उपयोग में लचीलापन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा प्रमुख खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी के लिए तैयारी, राज्यों में जिला खनिज कोष (डीएमएफ) का गठन, दोहन नीति और गौण खनिज नियम, खानों की स्टार रेटिंग और खान निगरानी प्रणाली (एमएसएस) के जरिए अवैध खनन को रोकने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की जाएगी।
सम्मेलन के समापन सत्र में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी गई टिप्पणियां और प्रतिक्रियाएं शामिल की जाएंगी।
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