बेंगलुरू, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। ‘इंडियन इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (आईओटी) बाजार वर्ष 2020 तक 2.7 अरब इकाइयों के साथ 15 अरब डॉलर का होने की संभावना है। मौजूदा आईओटी बाजार 5.6 अरब डॉलर का है, जिसमें 20 करोड़ इकाइयां हैं। एक रपट में बुधवार को इसकी जानकारी दी गई।
डेलॉइट के सहयोग से आयोजित आठवें ‘नैसकॉम डिजाइन और इंजीनियरिंग समिट’ से इतर नैसकाम के अध्यक्ष आर. चंद्रशेखर ने कहा कि आईओटी के औद्योगिक इस्तेमाल, प्रमुख रूप से विनिर्माण, मोटर वाहन और परिवहन व सैन्य तंत्र में आईओटी के राजस्व में साल 2020 तक तेजी आने की उम्मीद है।
चंद्रशेखर ने कहा, “एक अवधारणा के रूप में आईओटी वैश्विक स्तर पर उद्योगों में निहित फायदे के लिए देखा गया है और यह अगली पीढ़ी की सेवाओं और उत्पादों को आगे बढ़ाने में एक प्रमुख कारक बनने को तैयार है।”
रपट में आईओटी के विकास पर सिर्फ उपभोक्ता समाधान पैदा करने के रूप में जोर नहीं दिया गया है, बल्कि औद्योगिक अनुप्रयोगों में मूल्य जोड़ने वाले के रूप में भी जोर दिया गया है।
नए समाधान की जरूरतों पर जोर देते हुए रपट में कहा गया है कि आईओटी क्षेत्र के उद्योगों में विकास के लिए उपयोगिता के साथ, विनिर्माण, मोटर वाहन और परिवहन और सैन्य तंत्र में दूसरे क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा अवसर हैं।
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