नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और इंडोनेशिया ने सोमवार को अपना दूसरा समन्वित गश्ती और द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास अंडमान सागर में शुरू किया। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह द्विपक्षीय अभ्यास 17 दिनों तक यानी 27 अक्टूबर तक जारी रहेगा। यह भारत के इंडोनेशिया के साथ समझौते की प्रतिबद्धता और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को दिखाता है।
दोनों नौसेनाएं साल 2002 से साल में दो बार समन्वित गश्त (कॉरपेट) अपने क्षेत्रों की अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) क्षेत्र में कर रही हैं। इसका मकसद भारतीय समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित रखना और वाणिज्यिक परिवहन, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और वैध समुद्री गतिविधियों को सुरक्षित करना है।
दोनों नौसेनाओं की तरफ से एक विमान और एक जहाज अभ्यास में योगदान दे रहे हैं। भारतीय नौसेना की मिसाइल कार्वेट कार्मुक और एक डोर्नियर समुद्री गश्ती विमान भारत की तरफ से अभ्यास में हिस्सा ले रहा है।
पोर्टब्लेयर स्थित ट्राई-सर्विस अंडमान एवं निकोबार कमान (एएनसी) के नौसेना के कमान अधिकारी, कमोडोर गिरीश कुमार गर्ग ने इंडोनेशिया के बेलावान में कॉरपेट के उद्धाटन समारोह में भाग लिया।
भारतीय नौसेना का गश्ती पोत सुमित्रा भी इंडोनेशिया के सुरबाया पहुंचा है। इसे दो दिन 10 से 12 अक्टूबर के लिए दक्षिणी पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में तैनाती के तौर पर वहां रखा गया है।
रवानगी के समय आईएनएस सुमित्रा भी इंडोनेशियाई नौसेना के जहाजों के साथ एक समुद्री अभ्यास (पासएक्स) में भाग लेगा।
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