नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस पार्टी की छात्र इकाई एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) ने गुरुवार को कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 अक्टूबर को पुतला जलाए जाने पर कोई कार्रवाई की गई तो वह पूरे देश में प्रदर्शन करेगी।
एनएसयूआई के नेता सनी धीमान ने आईएएनएस से कहा, “जांच के बाद यदि कोई कार्रवाई हमारे खिलाफ की गई तो हम पूरे देश में प्रदर्शन शुरू करेंगे। हमने कुछ गलत नहीं किया है।”
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में धीमान ने कई छात्रों के साथ साबरमती ढाबे पर कई सिरों वाले पुतले को 11 अक्टूबर को जलाया था।
पुतले में सिर के रूप में अन्य लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, साध्वी प्राची, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, आसाराम बापू और नाथूराम गोडसे शामिल थे।
मामले को लेकर जेएनयू के कुलपति एम. जगदीश कुमार ने बुधवार को एक जांच का आदेश दिया है।
विश्वविद्यालय के प्रमुख ने ट्वीट किया, “जेएनयू में पुतला जलाए जाने का मामला हमारे संज्ञान में लाया गया है। हम मामले की जांच कर रहे हैं और सभी प्रासंगिक सूचनाओं का परीक्षण कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि जांच का आदेश दे दिया गया है, लेकिन कोई नोटिस नहीं दिया गया है।
पुलते में एक सिर कुलपति का भी दिखाया गया था।
धीमान ने कहा, “कुलपति दलित और मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय उनका शिकार करने में लिप्त हैं।”
एनएसयूआई नेता ने कहा, “तब किसी ने आपत्ति नहीं जताई थी, जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पुतला जलाया गया। वह इस बार खास तौर से हमें निशाना बना रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि जेएनयू में पुतला जलाया जाना आम बात है।
धीमान ने कहा, “हमने विजयादशमी का दिन चुना, क्योंकि इसी दिन बी.आर. अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाया और आरएसएस का स्थापना दिवस भी था। हम भाजपा को उनकी भेदभावपूर्ण राजनीति को लेकर एक संदेश देना चाहते थे कि ‘गौरक्षा’ की राजनीति अब ज्यादा समय तक काम नहीं करेगी।”
dharmpath.com dharmpath