मुंबई, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। डियाजियो ग्रुप कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (यूएसएल) ने गुरुवार को मुंबई ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर और इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन (आईआरटीई) के साथ हिस्सेदारी करके मुंबई की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए ‘रोड टू सेफ्टी’ कार्यक्रम की शुरुआत की।
सशक्तीकरण और शिक्षा पर केन्द्रित यह कार्यक्रम पुलिस ट्रैफिक अधिकारियों को क्षमता निर्माण प्रशिक्षण प्रदान करेगा और एक वर्ष में टीवी, रेडियो, आउटडोर चैनलों के माध्यम से जन जागरूकता अभियानों की श्रंखला चलाई जाएगी।
दुनिया में सड़क दुर्घटनाओं के कारण एक वर्ष में औसतन 1.24 करोड़ मौतें होती हैं जिनमें से 12 फीसदी से अधिक मौतें भारत में होती हैं। इनमें से अधिक मौते नशे में ड्राइव करने के कारण होती हैं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार मुंबई में 2015 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 611 मौतें हुई थी और इसी वर्ष लगभग 4029 गंभीर दुर्घटनाएं हुई थी। यूएसएल ‘रोड टू सेफ्टी’ अभियान के तहत जिम्मेदार ड्रिंकिंग, सड़क सुरक्षा पर सामूहिक जागरूकता फैलाएगा और नागरिकों को उत्साहित करेगा कि वह ‘शराब पी कर ड्राइव न करें’।
इन अभियानों में सड़क दुर्घटनाओं के कारण और नतीजे, सड़क विनियमों के नियम और ट्रैफिक नियंत्रण उपकरणों की समझ शामिल है। यह प्रशिक्षण सीट बेल्टों और हेलमेटों, सुरक्षात्मक ड्राइविंग की महत्ता का ज्ञान और नशे में ड्राइव करने के बुरे प्रभावों की जानकारी प्रदान करेगा।
मुंबई ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त आयुक्त मिलिंद भारम्बे ने कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि जन जागरूकता पर एक दीर्घकालीन अभियान के साथ हम मुंबई में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने में जरूर कामयाब होंगे।”
इस अभियान के बारे में यूएसएल के लग्जरी एवं कारपोरेट रिलेशंस की बिजनस प्रमुख आबंती शंकरनारायण ने कहा, “हमारा विश्वास है कि शराब के दुरोपयोग को कम करने की कोशिशें उस समय बहुत ज्यादा प्रभावी होती हैं जब सरकार, नागरिक समाज, व्यक्तिगत लोग, परिवार और उद्योग एक साथ मिलकर काम करते हैं। हमें मुंबई ट्रैफिक पुलिस के साथ हिस्सेदारी करके बहुत खुशी हो रही है।”
इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन (आईआरटीई) के प्रमुख डॉ. रोहित बलुजा ने कहा, “इस तरह का अभियान ट्रैफिक नियमों के उल्लंघनों और दुर्घटनाओं को कम करेगा।”
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