नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने घोषणा की कि उपराज्यपाल नजीब जंग को शुक्रवार को जांच समिति को भंग करने को कहा गया है, जो उन्होंने आप सरकार के कुछ कदमों की जांच के लिए गठित की है।
पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक वी.के. शुंगलू के नेतृत्व में बनी जांच समिति को असंवैधानिक बताते हुए सिसोदिया ने कहा कि इस तरह की समिति के गठन के लिए संविधान में कोई प्रावधान नहीं है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली मंत्रिमंडल की एक बैठक में उपराज्यपाल जंग को सलाह दी गई कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार की 400 संचिकाओं की समीक्षा के लिए बनी समिति को वह भंग कर दें।
गत चार अगस्त को दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में दिल्ली प्रशासन में उपराज्यपाल को सर्वोच्चता दी थी, जिसके बाद आप सरकार की कथित अनियमितताओं के अध्ययन के लिए जंग ने एक समिति का गठन किया था।
आप सरकार ने एक बयान जारी कर कहा, “मंत्रिमंडल ने गौर किया कि संविधान या किसी कानून या नियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो चल रही कल्याणकारी परियोजनाओं की जांच, अधिकारियों से पूछताछ करने और उनके खिलाफ आपराधिक और प्रशासनिक कार्रवाई के लिए संस्तुति भेजने की उन्हें धमकी देने हेतु एक बाह्य समिति के गठन का अधिकार देता है।”
समिति में अन्य दो सदस्यों में एक पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी और दूसरे पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त प्रदीप कुमार हैं।
समिति से सरकार के निर्णय को उपराज्यपाल द्वारा नियमित किया जा सकता है या नहीं, के संबंध में टिप्पणी समेत प्रत्येक संचिका पर की जाने वाली कार्रवाई के बारे में अनुशंसा देने को कहा गया था।
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