लखनऊ, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में समाजवादी परिवार के भीतर मचे सियासी संग्राम के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव का नाम लिए बगैर उनपर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच से बचने के लिए घर के कुछ नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मिल गए हैं।
शिवपाल ने अपनी बर्खास्तगी को लेकर कहा कि सीधा आरोप लगाकर हटा दिया गया, लेकिन इसका फैसला जनता करेगी।
पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान शिवपाल ने कहा, “नेताजी (मुलायम सिंह) ने 60 वर्ष की कड़ी मेहनत से पार्टी को खड़ा किया है। उनके नेतृत्व में ही हम चुनाव लड़ेंगे। हम पर सीधा आरोप लगाकर बर्खास्त कर दिया गया। यह चुनाव का समय है। हम जनता के बीच जाएंगे।”
शिवपाल ने कहा, “हमारे घर के कुछ लोग भाजपा से मिल गए हैं। सीबीआई से बचने के लिए हमारे कुछ लोग भाजपा से मिल गए हैं। अभी मुख्यमंत्री अखिलेश इन बातों को नहीं समझ रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए।”
गौरतलब है कि महासचिव रामगोपाल यादव ने रविवार को एक और पत्र पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखा, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सपा का भविष्य बताया है।
रामगोपाल ने ‘प्यारे साथियों’ नाम से संबोधित पत्र में कहा है कि “अखिलेश के साथ के लोगों ने पार्टी के लिए खून-पसीना बहाया और बड़े बलिदान दिए, जबकि दूसरी ओर ऐसे लोग हैं, जिन्होंने ‘करोड़ों कमाए और सत्ता का दुरुपयोग’ किया।”
रामगोपाल का पत्र सार्वजनिक होने के बाद मुलायम के नजदीकी आशू मलिक ने एक बार फिर फेसबुक पर एक पोस्ट में रामगोपाल पर निशाना साधा।
उन्होंने लिखा है कि “पार्टी का एक बेहद खास शख्स भाजपा के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी को तोड़ने की साजिश रच रहा है।”
मलिक ने कहा, “चिट्ठी लिखने वाले ने भाजपा के इशारे पर मुख्यमंत्री को हटाने की साजिश की थी। वर्तमान प्रदेश सरकार को एक एटीएम बना दिया गया है और सरकार को एटीएम किसने बनाया, यह सभी को पता है। सारा खेल भाजपा के इशारे पर खेला जा रहा है।”
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