नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने पाकिस्तान के क्वेटा में आतंकवादी हमले पर मंगलवार को शोक जताते हुए कहा कि किसी भी रूप में आतंकवाद को न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता।
राष्ट्रीय राजधानी में नौसेना कमांडरों के सम्मेलन से इतर पर्रिकर ने कहा, “आतंकवाद में संलिप्त अराजक तत्वों का खात्मा किया जाना चाहिए। कभी-कभी यह पलटकर आप पर भी हमला कर सकता है। मैं सोचता हूं कि यह उन्हीं घटनाओं में से एक है। लेकिन मैं लोगों की मौत पर दुख जताता हूं। पीड़ितों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। आतंकवाद को कहीं भी, किसी भी रूप में न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता।”
पाकिस्तान का नाम लिए बिना मंत्री ने कहा, “किसी भी देश में अराजक तत्वों का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए। हमारे सुरक्षा सिद्धांतों का सार यही है।”
अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि सोमवार रात आत्मघाती जैकेट पहने भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने क्वेटा की एक पुलिस अकादमी पर धावा बोल दिया। उन्होंने इस हमले को इस साल के अब तक के सबसे खतरनाक हमलों में से एक करार दिया। इस हमले में कम से कम 59 लोगों की मौत हो गई।
पर्रिकर ने कहा, “दैत्य भस्मासुर की एक कहानी है। मैं किसी देश का नाम नहीं ले रहा हूं। मैं आपको हिंदू पौराणिक कथा के बारे में बता रहा हूं। कहानी का सार यही है कि अनियंत्रित हिंसा का समर्थन नहीं करना चाहिए।” हिंदू पौराणिक कथा के मुताबिक, भस्मासुर एक दैत्य था, जिसे वर मिला था कि वह जिस किसी का सिर छू देगा वह भस्म हो जाएगा। यही वर अंतत: उसके अंत का भी कारण बना।
पर्रिकर ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन के मामलों में वृद्धि हुई है और उन्होंने इसे पिछले महीने भारतीय सेना द्वारा सर्जिकल कार्रवाई की गतिविधियों का परिणाम बताया है।
उन्होंने कहा, “जब भी यह (संघर्ष विराम उल्लंघन) हुआ है, हमने कई गुना अधिक ताकत से इसका जवाब दिया है। यह पिछली गतिविधियों की पाकिस्तान की तरफ से प्रतिक्रिया है। मेरा इरादा यहां किसी शब्द का इस्तेमाल करने का नहीं है। पिछले महीने जो कुछ (सर्जिकल कार्रवाई) भी हुआ, यह (संघर्ष विराम) उसी की प्रतिक्रिया है।”
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