पणजी, 1 नवंबर (आईएएनएस)। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एसोचैम) के बीच भारतीय उद्योग को रक्षा प्रौद्योगिकी हस्तांतरित करने को लेकर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है। एसोचैम के प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एसोचैम के माइक्रो, स्मॉल एवं मीडियम इंटरप्राइजेस काउंसिल के अध्यक्ष एम. पई रायकर के अनुसार, इस सहमति पत्र में नागरिकों के इस्तेमाल के लिए रक्षा प्रौद्योगिकी के व्यावसायिक संभावना का लाभ उठाने की भी इजाजत रहेगी।
डीआरडीओ समय-समय पर एसोचैम को रक्षा प्रौद्योगिकी सूची मुहैया कराएगा, जिनका नागरिकों के इस्तेमाल के लिए व्यावसायिक संभावना हो सकती है।
गोवा के निवासी रायकर ने यहां जारी एक बयान में कहा, “एसोचैम डीआरडीओ से विकसित की गई प्रौद्योगिकियों को आम नागरिकों के इस्तेमाल के लिए पेश करने के अवसरों की पहचान करेगा। उद्योग प्रौद्योगिकियों से लाभ उठा सकते हैं।”
इसके बदले में एसोचैम नागरिकों के इस्तेमाल के लिए पहचान की गई रक्षा प्रौद्योगिकी का बाजार अनुसंधान के व्यापारिक मूल्य का आकलन करने में सुविधा देगा और इसके साथ ही उस प्रौद्योगिकी का कितना संभावित बाजार है, यह भी तय करेगा।
इस एमओयू पर नई दिल्ली के डीआरडीओ भवन में 27 अक्टूबर को हस्ताक्षर हुआ और यह दो वर्ष के लिए मान्य है। यदि डीआरडीओ चाहे तो इसकी अवधि 24 माह बढ़ाई जा सकती है।
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