नई दिल्ली, 8 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में 70 फीसदी प्रद्रूषण पड़ोसी राज्यों में फसलों के अवशेष को जलाए जाने के कारण हुआ है।
सतेंद्र जैंन ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे के बयान के एक दिन बाद यह बात कही। केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि दिल्ली में 80 फीसदी प्रदूषण स्थानीय कारखानों की वजह से बढ़ा है और पड़ोसी राज्यों का असर केवल 20 प्रतिशत पड़ा है।
सतेंद्र जैन ने कहा, “हो सकता है कि बीते वर्षो में यह कारण रहा हो, लेकिन मौजूदा प्रदूषण स्थानीय कारणों से नहीं है।”
जैन ने कहा,”मैं मानता हूं कि दिल्ली में प्रदूषण उच्च स्तर पर है। यह अन्य स्थानों की तुलना में अधिक है लेकिन 1 नवंबर से दिल्ली का प्रदूषण फसल के अवशेष जलने के चलते हुआ है।”
दवे के इस बयान पर कि आसपास के क्षेत्रों से केवल 20 प्रतिशत प्रदूषण दिल्ली में बढ़ा है, प्रतिक्रिया देते हुए जैन ने कहा, “अगर सालाना औसत के हिसाब से देखें तो यह बात हो सकती है लेकिन आज 70 प्रतिशत प्रदूषण फसलों के जलने (पड़ोसी राज्यों में) से हुआ है।”
जैन ने कहा कि इससे निपटने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा, “हम इस समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों के साथ समन्वय कर जरूरी कदम उठा रहे हैं। हम सड़कों की धुलाई कर रहे हैं ताकि इसकी धूल हवा में न मिले। प्रदूषित वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है।”
दिल्ली सरकार ने बुधवार तक स्कूलों को बंद रखने और 14 नवंबर तक निर्माण और विध्वंस गतिविधि पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।
सतेंद्र ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण पर रोक लगाने की दीर्घ अवधि योजना पर काम कर रही है, जिसकी जल्द घोषणा कर दी जाएगी।
दीवाली के बाद, दिल्ली भारी धुंध में डूब गई और रात 10 बजे तक राजधानी में 500 अधिकतम स्तर पार कर गया।
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