नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमुद्रीकरण के साहसिक फैसले की देश के उद्योग जगत ने भी स्वागत की है।
उद्योग जगत ने इसे काले धन पर रोक लगाने में प्रभावी और देश की अर्थव्यवस्था को कैशलेस बनाने की ओर उठाया गया कदम बताया है।
मंगलवार को प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार और काले धन पर लगाम लगाने तथा आतंकवादियों को मिल रही आर्थिक मदद रोकने के उद्देश्य से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को तत्काल अवैध घोषित कर दिया।
कारोबारी समूह ‘एम3एम ग्रुप’ के निदेशक पंकज बंसल कहा, “प्रधानमंत्री ने लंबे समय के लिए अर्थव्यवस्था में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए यह संरचनात्मक आकस्मिक निर्णय लिया है और इससे रियल एस्टेट सहित सभी क्षेत्रों में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। काले धन पर यह सर्जिकल स्ट्राइक बढ़ती मुद्रास्फीति को कम करेगा जिससे वास्तविक खरीदारों को लाभ पहुंचेगा। इस कदम से देश की वित्तीय प्रणाली में और अधिक पारदर्शिता आएगी और हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था में सुधार होग।”
बीकानेरवाला समूह के निदेशक मनीष अग्रवाल ने कहा, “मोदी सरकार ने काले धन को निशाना बनाने के लिए कई कड़े इंतजाम किए हैं और 500 तथा 1000 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला भी इसी का एक हिस्सा है। जरूर इस फैसले के पीछे सरकार की अच्छी मंशा है पर इस बात का भी खयाल रखा जाना चाहिए की आम जनता को इससे ज्यादा नुकसान न हो। हम मोदी सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं क्योंकि यह दीर्घावधि में काले धन को रोकने में मदद करेगा।”
विश्वराज इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अरुण लखानी ने कहा, “भ्रष्टाचार के खिलाफ इस साहसिक फैसले के लिए हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हैं। प्रधानमंत्री का यह कदम बहुत साहसी और दीर्घकालिक प्रभाव वाला है।”
रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुमार राजगोपालन ने कहा, “आरएआई का मानना है कि 500 और 1,000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिया गया बेहद अहम फैसला है। इसका तात्कालिक नकद लेनदेन और खरीदारी पर प्रतिकूल प्रभाव दिख सकता है, लेकिन दीर्घावधि में इसकी राष्ट्रनिर्माण में बेहद रचनात्कम भूमिका होगी।”
एबीए कॉर्प एंड वीपी क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के निदेशक अमित मोदी ने कहा, “सरकार ने बिल्कुल सही दिशा में कार्रवाई की है और यह बहुत ही साहसिक कदम है। इससे बैंकिंग प्रणाली में ढेरों रुपये आ जाएंगे और इससे कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।”
बार्सेलोस इंडिया के कंट्री हेड रोहित मल्होत्रा ने कहा, “प्रधानमंत्री का विमुद्रीकरण का यह फैसला निश्चित तौर पर रेस्तरां एवं अन्य सेवा उद्योगों को प्रभावित करेगा। अब नए-नए कैफे और रेस्तरां खुलने की दर में कमी आएगी। इससे अचल संपत्ति की कीमतें कम होंगी, प्रतिस्पर्धा में कमी आएगी और यह रेस्तरां उद्योग के लिए अच्छा होगा। इस फैसले का थोड़ा असर आम जनजीवन पर तो पड़ेगा, लेकिन इससे सबसे अधिक नुकसान काला धन रखने वालों का होगा।”
dharmpath.com dharmpath